• उम्मीद का दीया
धूप तेज़ है मगर,
छाँव भी कहीं पास होगी।
माना कि मुश्किल है डगर,
पर मंज़िल की भी तलाश होगी।
खोया है जो कल हाथ से,
उसे याद करके क्यों रोना?
नया सूरज साथ लाएगा,
खुशियों का एक नया कोना।
तू बस अपना कर्म कर,
बाकी सब उस पर छोड़ दे।
हौसलों की पतवार थाम,
तू लहरों का रुख मोड़ दे।
कुछ और छोटी पंक्तियाँ:⏬
"ज़िंदगी की उलझनों ने, शरारतें कम कर दीं,
और लोग समझते हैं कि हम समझदार हो गए।"
"मुस्कुराओ, क्योंकि आपकी मुस्कुराहट,
किसी की खुशी का कारण हो सकती है।"