किस तरह उसे चाहे अब, दिल मे क्या है उसे बताये अब,,
नुसका कोई बताये हमे, किस तरह उसे समझाये अब,,
मसर्रत मे थे तो थे दिलबर, अब है क्या ये तो जाने रब,,
हर मुराद उनकी हमसे है पूरी, इतना तो वह जानते है सब,,
आखिर मे उनको सब समझ आयेगा, उसके लिए हम सब कुछ है अब,,
-MASHAALLHA