विषम परिस्थितियों को संवारने के दो तरीके होते हैं, पहला तरीका - लोगों के साथ लड़कर, जो ज्यादातर लोग इस्तमाल करते हैं,
और दूसरा - बुरे हालातों से ल़डकर
पहेली लड़ाई में सफलता कम शोर ज्यादा होता है, लेकिन दूसरी लड़ाई में शोर बिल्कुल नहीं होता, होता है सिर्फ अंदरुनी सन्नाटा, एक ऐसा सन्नाटा, जो हमें एक न एक दिन, सारी परेशानियों में से बाहर लाने की ताकत रखता है, बस हमें थोड़ा धैर्य से काम लेना पड़ेगा.
- Shailesh Joshi