तुम्हारी नज़रों में नहीं बची मेरे लिए हमदर्दी तुम्हारे लबों पे नहीं बचे मेरे नाम के बहाने तुम्हारे लिहाज़ में नहीं बची मेरे लिए सादगी तुम्हारी अदा में नहीं बची मेरे लिए अदाकारी तुम्हारे देखने में नहीं बचा मेरे लिए ध्यान तुम्हारे चलने में नहीं बचा मेरे लिए रुकना, पलटना पर तुम्हें बचाने को बचा हूँ मैं तुम्हारे लिए आज भी ।