"श्री की कलम"
ये बारिश जो अचानक से आई है
क्या ये किसी का पैगाम लायी है
या मेरे इस खालीपन में थोड़ी सी
गड़गड़ाहट लाने आई है।
हम तो हमेशा अकेले ही
अपनी मस्ती में जी रहे थे
क्या ये हमे कुछ और बताने आई है।
ये जो हवाएं लाई है
वो किसी के लिए आंधी
तो किसी के लिए सुकून
बनकर आई है।