नीलकमल को कभी यह चिंता नहीं होती कि सूरज उससे कितनी दूर है...
वह बस हर सुबह उसकी ओर खिलना जानता है।
कुछ रिश्ते भी ऐसे ही होते हैं।
न हर पल साथ, न हर रोज़ मुलाकात...
फिर भी दिल में एक अजीब-सा सुकून रहता है कि वो कहीं है, खुश है, सुरक्षित है।
और कभी-कभी प्रेम का सबसे सुंदर रूप पास होना नहीं...
किसी की सलामती की दुआ बन जाना होता है।