दीवार में लगी खूंटी
बड़ी उपयोगी होती है
ऑफिस जाते हुए
कार की चाबी तुरंत मिल जाती है
टँगी घड़ी याद दिलाती है
चलूँगी मैं भी साथ
खूंटी पे टँगा पर्स इतराता है
मेनगेट की चाबी इठलाती है
सोचो एक दिन ये सब
यथा स्थान ना मिले खूंटी पर
तो क्या हंगामा हो
जाना हो ऑफिस नौ बजे
और 12 बज जाएँ चाबी ढूँढने में
दीवार की खूंटी चिढ़ाए बार-बार
क्यूँ नहीं किया उपयोग मेरा
अब रोओ जार-जार
डॉ वंदना शर्मा पांडव नगर नई दिल्ली