पहली नज़र का इश्क

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पहली मुलाकात गर्मी की छुट्टियाँ खत्म हो चुकी थीं, और स्कूल का पहला दिन था। स्कूल का गेट बच्चे और उनके माता-पिता से भरा हुआ था। हर कोई अपने दोस्तों से मिलने के लिए उत्साहित था। बिकाश, दसवीं कक्षा का एक होशियार लेकिन शर्मीला लड़का, अपनी कॉपी और बैग हाथ में लेकर स्कूल की ओर बढ़ रहा था। उसके अंदर हमेशा एक हल्की-सी घबराहट रहती थी, खासकर जब उसे नए लोगों से मिलना पड़ता। क्लास में प्रवेश करते ही उसकी नजरें नई छात्राओं की ओर गईं। तभी उसकी नजर माया पर पड़ी – नई छात्रा, जिसकी मुस्कान कुछ ऐसी थी कि जैसे पूरे क्लास का माहौल हल्का और खुशमिज़ाज हो गया। माया ने अपने बालों को पीछे किया और अपनी सीट की ओर बढ़ी।

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पहली नज़र का इश्क - 1

पहली मुलाकातगर्मी की छुट्टियाँ खत्म हो चुकी थीं, और स्कूल का पहला दिन था। स्कूल का गेट बच्चे और माता-पिता से भरा हुआ था। हर कोई अपने दोस्तों से मिलने के लिए उत्साहित था।बिकाश, दसवीं कक्षा का एक होशियार लेकिन शर्मीला लड़का, अपनी कॉपी और बैग हाथ में लेकर स्कूल की ओर बढ़ रहा था। उसके अंदर हमेशा एक हल्की-सी घबराहट रहती थी, खासकर जब उसे नए लोगों से मिलना पड़ता।क्लास में प्रवेश करते ही उसकी नजरें नई छात्राओं की ओर गईं। तभी उसकी नजर माया पर पड़ी – नई छात्रा, जिसकी मुस्कान कुछ ऐसी थी कि जैसे पूरे ...Read More

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पहली नज़र का इश्क - 2

अगले कुछ हफ्तों में, बिकाश और माया की दोस्ती अब स्कूल की हर गतिविधि में दिखने लगी। क्लास में बैठना, होमवर्क शेयर करना, और खेल के मैदान में एक-दूसरे की मदद करना – ये सब अब उनकी रोज़मर्रा की आदत बन गई थी।एक दिन, गणित की क्लास में, शिक्षक ने छात्रों को जोड़ी में प्रोजेक्ट करने के लिए कहा। बिकाश और माया एक-दूसरे की ओर देखकर मुस्कुरा दिए।“हम दोनों साथ करेंगे?” माया ने पूछा।बिकाश ने सिर हिलाया। “हाँ, क्यों नहीं। तुम्हारे साथ काम करना अच्छा लगता है।”प्रोजेक्ट करते समय, बिकाश ने देखा कि माया कितनी ध्यान से नोट्स ले ...Read More