शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई

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15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे. मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे पिता के हाथो में थमाया तो मैंने उन की ऊँगली पकड़ ली थी. रूढ़ि के मुताबिक मेरी जन्म कुंडली बनाई गईं थी. ज्योतिष ने खुद इस बात की आगाही की थी और समर्थन दिया था. " यह लड़की बड़ी मस्ती खोर और नटखट बनेगी.. " मम्मी ने मुझे देखकर कहां था. आँखे मेरी जैसी है पर जिद उस के पापा जैसी हैं.

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई ( 1)

शहद की गुड़िया - 1 15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे. मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे पिता के हाथो में थमाया तो मैंने उन की ऊँगली पकड़ ली थी. रूढ़ि के मुताबिक मेरी जन्म कुंडली बनाई गईं थी. ज्योतिष ने खुद इस बात की आगाही की थी और समर्थन दिया था. ...Read More

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (2)

आर्यन ने साबित कर दिया था. वह नामर्द था. मर्द की तरह हरकते कर नहीं सकता था.मैंने उसे बता था. मुझे बेकाबू करने को कोई मिल गया हैं. आर्यन ने मुझे यह मानने को विवश किया था. उस की तरह हर मर्द डरपोक होता है. उस के बाद मेरी जिंदगी में एक सीनियर ने जगह ली थी. उस का नाम करण था. वह सीनियर भी आर्यन जैसा था. लाइब्रेरी के पीछे छिपकर मुझे घूरता था. एक दिन हिम्मत जुटाकर उस ने मुझे केंटीन में ...Read More

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (3)

शहद की गुड़िया - प्रकरण 3 समीर के बाद आकाश मेरी जिंदगी में आया. वह बहुत हीं और संजीदा लड़का था. वह अपनी पेंटिंग में हीं खोया रहता था. उस की नजर में एक प्यास थी. एक दिन उस ने अपनी पेंटिंग के लिये मुझे मोडल बनाने का ओफर दिया. ज़ब उस ने हाथ पकड़ा तो उस के हाथ मेरी खूबसूरती को देखकर कांपने लगा. उस ने धीरे से ब्रश नीचे रख दिया और मेरे बिल्कुल नजदीक आ गया. उस ने मेरे चेहरे को छुने ...Read More

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (4)

शहद की गुड़िया - प्रकरण - 4 "अब तो बस इंतजार है उस पल का ज़ब सारी बातें हकीकत बन जायेगी. क़्या मेरे लिये आप इतने बेताब हो." " बिल्कुल तुम से कई गुना ज्यादा. " " दादु अब तो हमारी दास्तान पन्नो. पर उतरने के लिये बिल्कुल तैयार हैं.. " " आप की हर डांट और हरकत ने मेरी रूह को एक नया रंग दिया हैं. अब तो मैं आप की शहद की गुड़िया बन चुकी हूं.. " ...Read More