मुंबई की चमकती ऊँची इमारतों में से एक — “नव्या ग्लोबल कॉर्प” का हेडक्वार्टर। शीशे की दीवारों से ढका वो टॉवर शहर की ताकत और महत्वाकांक्षा का प्रतीक था। और उसकी सबसे ऊपरी मंज़िल पर बैठी थी — नव्या मल्होत्रा। सिर्फ अट्ठाईस साल की उम्र में वो देश की सबसे तेज़ी से उभरती बिजनेस वीमेन बन चुकी थी। उसकी आँखों में अब सपने नहीं — सिर्फ लक्ष्य थे। दिल में अब मोहब्बत नहीं — सिर्फ रणनीतियाँ थीं।
अधूरा प्यार - 1
मुंबई की चमकती ऊँची इमारतों में से एक — “नव्या ग्लोबल कॉर्प” का हेडक्वार्टर।शीशे की दीवारों से ढका वो शहर की ताकत और महत्वाकांक्षा का प्रतीक था।और उसकी सबसे ऊपरी मंज़िल पर बैठी थी — नव्या मल्होत्रा।सिर्फ अट्ठाईस साल की उम्र में वो देश की सबसे तेज़ी से उभरती बिजनेस वीमेन बन चुकी थी।उसकी आँखों में अब सपने नहीं — सिर्फ लक्ष्य थे।दिल में अब मोहब्बत नहीं — सिर्फ रणनीतियाँ थीं।लेकिन हमेशा ऐसा नहीं था।दो साल पहले…नव्या प्यार में डूबी हुई एक साधारण लड़की थी।उसके लिए दुनिया का मतलब था — ऋषभ।ऋषभ कपूर।वो लड़का जो उसकी मुस्कान का कारण ...Read More
अधूरा प्यार - 2
बहुत बढ़िया अब कहानी और गहरी होगी — इमोशन + फैमिली ड्रामा + हॉरर शैडो…और जैसा आपने कहा — की मौत का राज अभी नहीं खुलेगा।चैप्टर 2 : घर की दीवारों में छुपा सायानव्या मल्होत्रा।दुनिया के लिए वो एक ताकत थी।लेकिन घर के अंदर…वो अभी भी किसी की बेटी थी।मल्होत्रा हाउस — मुंबई के जुहू इलाके में फैला हुआ एक भव्य बंगला।सफेद संगमरमर की सीढ़ियाँ, दीवारों पर महंगे पेंटिंग्स…लेकिन इस घर में सबसे ज्यादा भारी था — सन्नाटा।डाइनिंग टेबल पर आज पूरा परिवार बैठा था।उसके पिता — राजीव मल्होत्रा।सख्त चेहरे वाले, बिजनेस माइंडेड, लेकिन दिल से अपनी बेटी के ...Read More