साइलेंट हार्ट्स (조용한 마음 – Joyonghan Maeum)
लेखक: InkImagination
एपिसोड 3: अनकहे जज़्बात (Unspoken Feelings)
सियोल की सुबह सर्द और धुंधली थी। यूनिवर्सिटी कैंपस की गलियों में ठंडी हवा पत्तों को हल्के से हिला रही थी, जैसे कोई अनकही कहानी फुसफुसा रही हो। हान जिवोन (한지원) अपने हाथ में म्यूज़िक थ्योरी की किताब थामे जल्दी-जल्दी क्लास की ओर जा रहा था। उसका दिल अब भी हान नदी के किनारे बिताए उस पल में अटका था, जब कांग मिन्हो (강민호) ने आइसक्रीम शेयर करते हुए कहा था, “ज़िंदगी बहुत छोटी है, जिवोन।” मिन्हो की वो गर्मजोशी, उसकी नज़रों में छुपा भरोसा—ये सब जिवोन के दिल में एक नई धुन की तरह बजा करता था।
लेकिन इस गर्माहट के साथ एक नया डर भी जाग रहा था। हर मुलाकात में मिन्हो के साथ जिवोन का आराम बढ़ता जा रहा था, जैसे कोई पुराना दोस्त हो। पर क्या ये सिर्फ़ दोस्ती थी? जिवोन का मन बार-बार सवाल उठाता—“कहीं ये दोस्ती से ज्यादा तो नहीं? लेकिन अगर मिन्हो ने मेरे मन की बात गलत समझी तो?” यह डर उसे रातों को चैन से सोने नहीं देता था।
🎭 क्लासरूम का दृश्य
क्लास खत्म होने के बाद जिवोन अपना सामान समेट रहा था। उसकी नज़रें किताबों पर थीं, लेकिन उसका दिमाग कहीं और। तभी कॉरिडोर से हँसी की आवाज़ें आईं। उसने अनायास नज़र उठाई तो देखा—मिन्हो अपने दोस्तों के साथ खड़ा था। उसका चेहरा हमेशा की तरह चमक रहा था, और उसकी हँसी हवा में गूंज रही थी। लेकिन जिवोन की नज़रें मिन्हो के पास खड़ी एक लड़की पर टिक गईं। वह बार-बार मिन्हो की बाँह पकड़ रही थी, हँसते हुए उससे कुछ कह रही थी, और मिन्हो उसी सहजता से उससे बात कर रहा था।
जिवोन के कदम अनजाने में रुक गए। उसके सीने में एक अजीब-सी कसक उठी, जैसे कोई सुई चुभ गई हो। “तो… मिन्हो पहले से किसी और के करीब है?” यह ख्याल उसके मन में तूफान की तरह उठा। उसने जल्दी से नज़रें फेर लीं और बिना कुछ कहे क्लासरूम से बाहर निकल गया। उसका दिल भारी था, और वह खुद को समझा नहीं पा रहा था कि यह जलन-सी क्यों महसूस हो रही थी।
☕ कैफ़े का दृश्य
उस शाम जिवोन का फोन बजा। स्क्रीन पर मिन्हो का नाम चमक रहा था। उसने हिचकिचाते हुए कॉल उठाई।
“अरे, जिवोन! कहाँ गायब हो? मैं कैफ़े में हूँ, अपनी शिफ्ट पर। आ जाओ, कुछ देर बैठते हैं,” मिन्हो की आवाज़ उतनी ही गर्म और उत्साही थी।
जिवोन का मन जाने का नहीं था। कॉरिडोर का वो दृश्य अब भी उसके दिमाग में चक्कर काट रहा था। लेकिन मिन्हो को मना करना उसे और मुश्किल लगा। “ठीक है… आता हूँ,” उसने धीरे से कहा।
कैफ़े में पहुँचते ही जिवोन ने मिन्हो को काउंटर के पीछे देखा। वह ग्राहकों को कॉफ़ी सर्व कर रहा था, उसकी मुस्कान हर किसी को सहज कर देती थी। जिवोन को देखते ही मिन्हो ने हाथ हिलाया और चिल्लाया, “जिवोन! यहाँ!”
जिवोन एक कोने की टेबल पर बैठ गया, लेकिन उसकी मुस्कान आधी-अधूरी थी। मिन्हो ने जल्दी से एक कैपुचिनो बनाया और जिवोन की मेज पर रख दिया। “ये तुम्हारे लिए। स्पेशल,” उसने आँख मारते हुए कहा।
“शुक्रिया,” जिवोन ने धीमी आवाज़ में कहा, लेकिन उसकी नज़रें मिन्हो से बच रही थीं।
मिन्हो ने उसकी उदासी भाँप ली। वह काउंटर से बाहर आया और जिवोन के सामने वाली कुर्सी पर बैठ गया। “क्या बात है, जिवोन? आज तुम कुछ… खोए-खोए से हो। सब ठीक है न?”
जिवोन ने जल्दी से सिर हिलाया। “हाँ, सब ठीक है। बस… थक गया हूँ।”
मिन्हो ने उसकी आँखों में झाँकने की कोशिश की, जैसे वह उसकी चुप्पी के पीछे की सच्चाई पढ़ना चाहता हो। “तुम्हें पता है, तुम बहुत अच्छे से झूठ नहीं बोल पाते,” उसने हल्के मज़ाकिया लहजे में कहा, लेकिन उसकी आँखों में चिंता थी।
जिवोन ने विषय बदलने की कोशिश की। “तुम्हारी शिफ्ट कब खत्म होगी?”
मिन्हो ने एक पल के लिए उसे देखा, फिर मुस्कुराया। “ठीक है, मैं तुम्हें छोड़ता हूँ। लेकिन अगली बार सच बताना, हाँ?”
🌧️ भावनात्मक पल
कैफ़े से बाहर निकलते ही फिर बारिश शुरू हो गई। सियोल की सड़कें पानी से चमक रही थीं, और हवा में ठंडक घुल गई थी। मिन्हो ने अपनी काली छतरी खोली और जिवोन की ओर बढ़ाया। “आओ, साथ चलते हैं।”
जिवोन कुछ पल हिचकिचाया। उसका मन अभी भी कॉरिडोर के उस दृश्य से उलझा था। आखिरकार, वह बोल पड़ा, “तुम्हें अपने दोस्तों के साथ जाना चाहिए… या शायद उस लड़की के साथ।”
मिन्हो ने भौंहें चढ़ाईं, हैरान। “कौन लड़की?”
“वही… आज कॉरिडोर में। तुम्हारे साथ थी। हँस रही थी, तुम्हारी बाँह पकड़ रही थी,” जिवोन की आवाज़ में हल्की-सी तल्खी थी, जो उसने छुपाने की कोशिश की।
मिन्हो एक पल को रुका, फिर जोर से हँस पड़ा। उसकी हँसी बारिश की आवाज़ को भी मात दे रही थी। “अरे, वो? वो तो मेरी क्लासमेट है, जिवोन! बस असाइनमेंट के लिए मदद माँग रही थी। तुमने तो मुझे गलत समझ लिया!”
जिवोन ने नज़रें झुका लीं, उसके गाल शर्मिंदगी से लाल हो गए। “मैं… बस… यूं ही।”
मिन्हो ने उसकी ओर एक कदम बढ़ाया और उसके कंधे पर हल्के से हाथ रखा। उसकी आवाज़ अब गंभीर थी। “जिवोन, तुम बहुत सोचते हो। अगर मैं किसी के साथ सच में वक्त बिताना चाहता हूँ… तो वो तुम हो।”
जिवोन की साँसें जैसे रुक गईं। मिन्हो की आँखों में एक सच्चाई थी, एक गहराई, जो उसके दिल को छू गई। वह कुछ कहना चाहता था, लेकिन शब्द उसके गले में अटक गए। बारिश की बूंदें छतरी पर टपक रही थीं, लेकिन उस पल में जिवोन को सिर्फ़ मिन्हो की आवाज़ सुनाई दे रही थी।
🕊️ एपिसोड 3 का अंत
दोनों छतरी के नीचे चुपचाप चल रहे थे। बारिश की बूंदें छतरी पर एक नरम ताल बजा रही थीं, और उनके दिलों की धड़कनें जैसे एक-दूसरे से बात कर रही थीं। जिवोन का मन पहली बार साफ़ हुआ। यह सिर्फ़ दोस्ती नहीं थी। यह कुछ और था—कुछ गहरा, कुछ अनकहा।
लेकिन क्या वह अपने जज़्बातों को शब्द दे पाएगा? या ये अनकहे एहसास उसके दिल में ही दबे रहेंगे?
जिवोन ने चुपके से मिन्हो की ओर देखा। उसकी प्रोफाइल बारिश की रोशनी में चमक रही थी। जिवोन ने अपने कीबोर्ड की याद की—उस धुन की, जो उसने मिन्हो के लिए बनाई थी। शायद उसकी धुनें ही वो शब्द बोल पाएँगी, जो वह अभी नहीं कह सकता।
लेखक का नोट:
साइलेंट हार्ट्स का तीसरा एपिसोड पढ़ने के लिए दिल से शुक्रिया! जिवोन के अनकहे जज़्बात और मिन्हो की गर्मजोशी ने क्या आपके दिल को छुआ? उनकी कहानी अब और गहरी होने वाली है, जिसमें प्यार, डर और हिम्मत की नई परतें खुलेंगी। Matrubharti पर मुझे, InkImagination, को फॉलो करें ताकि आप जिवोन और मिन्हो की यात्रा का हर पल मेरे साथ जी सकें। आपके कमेंट्स मेरे लिए अनमोल हैं—बताएँ, इस एपिसोड में आपको सबसे ज़्यादा क्या पसंद आया? क्या जिवोन अपने दिल की बात कह पाएगा?
Thankyou 🥰🥰 ...