The Big Fat Neighborhood Wedding in Hindi Comedy stories by manoj books and stories PDF | मोहल्ले की भव्य शादी

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मोहल्ले की भव्य शादी

​रामू: जो खुद को बहुत समझदार मानता है। 🧠
​श्यामू: रामू का पड़ोसी, जो थोड़ा सीधा है लेकिन मौके पर चौका मारता है। 🏏
बसंती चाची: मोहल्ले की "न्यूज़ चैनल"। इन्हें सबके घर की खबर होती है, बस अपनी दाल जलने का पता नहीं होता। 📢
​पंडित जी: जो हमेशा रामू को भारी-भरकम ज्ञान देते हैं, लेकिन खुद अपनी साइकिल की चाबी ढूँढते रहते हैं। 🚲
​छोटू: रामू का चेला, जो रामू की हर बात पर "वाह उस्ताद!" बोलता है, चाहे रामू कितनी ही बड़ी बेवकूफी क्यों न करे। 🙋‍♂️

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​सीन: रामू अपने हाथ में एक चमकता हुआ नया स्मार्टफोन लेकर खड़ा है और श्यामू अपनी पुरानी साइकिल साफ कर रहा है।
​रामू: (शनि देव की तरह हाथ हिलाते हुए) "देख श्यामू, इसे कहते हैं 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस'। ये फोन इंसान की सोच से भी तेज चलता है। तुझे क्या पता, तू तो आज भी पुरानी दुनिया में जी रहा है।"
​श्यामू: (मासूमियत से) "अरे वाह रामू भाई! तो ये फोन रोटी भी बना देता होगा?"
​रामू: (हँसते हुए) "अबे गधे, ये दिमाग का काम करता है। अब देख, मैं इससे पूछूँगा कि आज बारिश होगी या नहीं..."
(रामू फोन में जोर-जोर से चिल्लाता है, लेकिन फोन का इंटरनेट बंद है)
​श्यामू: "रामू भाई, वो फोन तो कुछ बोल ही नहीं रहा। शायद आपसे नाराज है?"
​रामू: (झेंपते हुए) "नहीं-नहीं, वो... वो असल में सिग्नल पकड़ रहा है अंतरिक्ष से।"
​श्यामू: "अच्छा! वैसे रामू भाई, आसमान में वो काली घटा देख रहे हो? मुझे लगता है फोन से ज्यादा बादल पक्के हैं, क्योंकि मेरी पीठ में दर्द हो रहा है और जब-जब दर्द होता है, बारिश आती है।"



​(तभी जोर से बिजली कड़कती है और झमाझम बारिश शुरू हो जाती है। रामू का 'स्मार्ट' फोन भीगने लगता है और वो उसे छुपाने के लिए भागता है, जबकि श्यामू मजे से अपनी साइकिल लेकर छाँव में खड़ा हो जाता


है।)
​श्यामू: "रामू भाई! फोन से पूछो, भीगने के बाद जुकाम की कौन सी गोली लेनी है?" ⛈️






मोहल्ले की भव्य शादी
​माहौल: पड़ोस में शर्मा जी की बेटी की शादी है। हर तरफ गेंदे के फूल और हलवाई की कढ़ाई चढ़ी हुई है। रामू सफ़ेद कुर्ता-पायजामा पहनकर ऐसे घूम रहा है जैसे पूरी शादी का मैनेजमेंट उसी के हाथ में हो।
​रामू: (हलवाई को डांटते हुए) "अरे ओ हलवाई! पनीर के टुकड़े थोड़े 'मैथमेटिकल शेप' में काटो। मेहमानों को लगना चाहिए कि किसी इंजीनियर के मोहल्ले में आए हैं।"
​श्यामू: (पीछे से प्लेट में लड्डू दबाते हुए आता है) "रामू भाई, पनीर गोल हो या चौकोर, पेट में जाकर तो सब खिचड़ी ही बनना है। वैसे ये बताओ, आप यहाँ गेट पर दरबान की तरह क्यों खड़े हो?"



​रामू: (सीना तानकर) "इसे 'प्रोटोकॉल' कहते हैं श्यामू! मैं यहाँ आने वाले वीआईपी (VIP) मेहमानों को गाइड कर रहा हूँ। तू तो बस खाने पर ध्यान दे।"

​🏏 मौके पर चौका
​तभी एक आलीशान गाड़ी आकर रुकती है। उसमें से एक रौबदार बुजुर्ग उतरते हैं।
​रामू: (फुर्ती से आगे बढ़कर) "नमस्ते अंकल जी! आइए-आइए, आप शायद लड़के वालों की तरफ से 'खास' मेहमान हैं? मैं यहाँ का इंचार्ज हूँ, चलिए आपको सीधे मुख्य स्टेज पर ले चलता हूँ।"
​बुजुर्ग: (हैरानी से देखते हुए) "पर बेटा, मैं तो..."
​रामू: (बात काटते हुए) "अरे शर्माइए मत अंकल, बड़े


लोग अक्सर सादगी पसंद होते हैं। श्यामू! जल्दी से अंकल के लिए सोफा खाली करवा और काजू कतली मँगवा।"
​श्यामू: (बुजुर्ग को गौर से देखते हुए) "रामू भाई, एक


मिनट रुकिए... ये अंकल कुछ कहना चाह रहे हैं।"
​रामू: "चुप कर श्यामू! तू अपनी पुरानी सोच बीच में मत ला। अंकल, आप चलिए मेरे साथ।"


रामू उन बुजुर्ग को ले जाकर दूल्हे के पिता के बगल वाली कुर्सी पर बिठा देता है और खुद शान से खड़ा हो जाता है। तभी पंडित जी चिल्लाते हैं।
​पंडित जी: "अरे! जनरेटर बंद हो गया, कोई लाइट ठीक करने वाले को बुलाओ!"
​बुजुर्ग: (खड़े होकर) "वही तो मैं कह रहा था बेटा, मैं 'इंचार्ज' नहीं, मोहल्ले का इलेक्ट्रीशियन हूँ। शर्मा जी ने जनरेटर चेक करने के लिए बुलाया था और तुम मुझे काजू कतली खिलाने लगे!"
​श्यामू: (ठहाका मारते हुए) "देखा रामू भाई! आपका 'प्रोटोकॉल' तो फ्यूज हो गया। आपने तो इलेक्ट्रीशियन को ही समधी बना दिया!"
​रामू: (पसीना पोंछते हुए) "वो... वो तो मैं टेस्ट कर रहा था कि ये अपनी ड्यूटी के प्रति कितने ईमानदार हैं। देख, लालच में भी इन्होंने काम नहीं छोड़ा!"
​श्यामू: "हाँ-हाँ, और अब आप जल्दी से हलवाई की दुकान पर भागो, क्योंकि आपने जिन्हें 'इंजीनियरिंग शेप' का पनीर काटने को कहा था, वो पनीर लेकर गायब हो गया है!"


Manoj rajput........... 🙏🙏🙏

राधे राधे मेरे प्यारे दोस्तों