एक्सीडेंट सुनकर जानवी डर जाती है और वो हॉस्पिटल की तरफ चली जाती है
इधर उसी हॉस्पिटल मे आदित्य रमेश और कृतिका के साथ अपने चोंट लगने के बाद चेकअप कराने के लिए आया था । जहां पर डॉक्टर रागिनी जो प्रताप सिंह की बेटी थी वो आदित्य का चेकअप कर रही थी । आदित्य और रागिनी एक दुसरे को बचपन से जानते थे । रागिनी आदित्य से कहती है --
रागिनी :- सब ठिक है 2 हफ्ते मे सब ठिक हो जाएगा ।
आदित्य :- थेक्स रागिनी ।
रागिनी :- थेंक्स से काम नही चलेगा । इतने दिनो बाद मिल रहो हो कुछ धमाका तो बनता है ।
आदित्य :- धमाका , तुम अभी भी बिलकुल वैसी ही हो, बच्चो जैसी । अब तुम एक डॉक्टर हो , ये धमाका वमाका अब तुम पर अच्छा नही लगता है ।
रागिनी :- अरे डॉक्टर तो दुसरो के लिए हूँ । तुम और मैं तो एक दुसरे को बचपन से जानते है तो दोस्ती मे ये सब चलते रहता है ।
आदित्य :- अच्छा, ये भी सही है ।
रागिनी :- शाम को पापा ने मेरे आने की खुशी मे एक पार्टी रखी है और तुम्हें भी आना है ।
आदित्य :- अरे मैं इस हालत मे कहां आ पाउगां ।
रागिनी :- वो सब मैं नही जानती , तु आ रहे हो तो बस आ रहे हो । वरना मैं आ जाउगीं तुम्हें लेने ।
आदित्य : - अरे नही नही । ठिक है बाबा मैं जरुर आईगां ।
तभी कृतिका कहती है --
कृतिका :- तुम दोनो बचपन के दोस्त हो ।
रागिनी :- ये पंटर लोग कौन है ।
आदित्य :- ये दोनो मेरे दोस्त है , ये कृतिका है और ये रमेश ।
रागिनी :- तब तो ये दोनो मेरे भी दोस्त हूए ना ।
कृतिका :- हां । पर आदित्य ने कभी तुम्हारे बारे मे बताया नही ।
रागिनी :- ये ऐसा ही है , मुझे कभी सिरियस लिया ही नही है इसने ।
आदित्य : - ओ रागिनी , फिर से तुम सुरु मत हो जाना ।
कृतिका :- सिरियस नही लिया मतलब , बताओ ना क्या बात है , मुझे लव स्टोरी की बू आ रही है ।
रागिनी :- करेक्ट । मैने इस बेवकुफ से प्यार किया था । और मेरे बताने से पहले ही इसने मुझे मोनिका के बारे मे बताया । बस फिर क्या था । मेरा सपना एक सेकेंड मे चकनाचुर हो गया ।
कृतिका :- तो फिर आदित्य को तुमने कब बताया ।
रागिनी :- जब उसने मुझे मोनिका के बारे मे बताया तभी मैने भी बता दिया ।
कृतिका :- फिर आदित्य ने क्या कहा ।
रागिनी :- इन्होने कहा के तुम मेरी अच्छी दोस्त हो , मैने तुम्हें उस नजर से कभी नही दैखा । वगैरह - वगैरह । आदित्य बाबा नो काफी लंबी चोड़ी प्रवचन दिया उस दिन मुझे ।
आदित्य :- क्या रागिनी बस भी करो ।
रागिनी :- बस यही प्रॉम्बल इसका , इसने ना मुझे तब समझा था और ना अब ।
कृतिका :- तो तुम क्या अब भी आदित्य से प्यार करती हो ?.
रागिनी :- हां करती हूँ । अगर ये कहे तो शादी भी कर लूंगी । पहला प्यार है ये मेरा।
आदित्य :- O stop रागिनी । तुम भी ना फिर से सुरु हो गई ।
कृतिका :- वाव , दौ एक्स लवर एक साथ । एक्स नही , One sided love .
आदित्य :- बहोत हूआ मजाक । अच्छा रागिनी अब मै चलता हूँ ।
आदित्य उठकर जाने लगता है तो रागिनी उसो रोकती हूई कहती है --
रागिनी :- आदित्य तुमसे एक बात पूछनी थी ।
आदित्य :- मैं जानता हूँ तुम क्या पूछने वाली हो ।
रागिनी :- मुझे ये सुनकर बहोत बुरा लगा , क्या नाम है उस लड़की का , हां जानवी । आदित्य के तुमने उसके ( जानवी ) लिए क्या कुछ नही किया पर फिर भी वो तुम्हें ही दोषी मानती है ।
आदित्य : - जाने दो क्या कर सकते है ।
रागिनी :- उसने जो कुछ भी किया वो ठिक नही किया । तुम पर इस तरह का बरताव अच्छा नही किया । पर तुमने उसे बताया क्यों नही के तुम कौन हो ।
कृतिका :- पता नही इसे क्या हो गया है । ये कुछ बोलता ही नही है ।
आदित्य :- ऐसी बात नही है रागिनी , अभी कुछ काम बाकी है उसके बाद मैं खुद सामने आ जाउगां ।
तभी जानवी हॉस्पिटल पहूँचती है और घबराती हूई वो विकास को ढपजने लगती है । तभी जानवी दैखती है के विकास बाहर एक जगह पर बैठा था , जानवी भाग कर विकास के पास जाती है और कहती है --
जानवी :- क्या हूआ है विकास तुम ठिक हो । ये सब कैसे हो गया ।
विकास :- सब ठिक है , तु टेशन मत लो ।
जानवी :- मैं तो बहोत घबरा गई थी ।
विकास :- घबराने की कोई बात नही है छोटा सा एक्सीडेंट हो गया था । नॉर्मल सा चोंट है , एक - दौ दिन मे ठिक जो जाएगा । पर अब सब ठिक है ।
जानवी :- मेरी तो जान ही निकल गयी थी । डॉक्टर ने क्या कहा ।
विकास :- उनका ही वेट कर रहा हूँ । पर कोई उनके केबिन मे है इसिलिए यहां पर वेट कर रहा हूँ ।
जानवी :- तुम यही रुको मैं दैख कर आती हूँ ।
इतना बोलकर जानवी विकास को एक कुर्सी पर बैठी देती है और डॉक्टर रागिनी के केबिन के बाहर आ जाती है , जानवी केबिन के अंदर दैखती है के एक लड़का रागिनी के गले लग रहा था , जिसे दैखकर जानवी कहती है --
जानवी :- लगता है कोई पुराना दोस्त या आशिक होगा ।
अंदर मे रागिनी आदित्य सो कहती है --
रागिनी :- ठिक है अभी तुम घर जाओ , शाम को मिलते है और हां 2 दिन बाद फिर एक बार आना है ।
आदित्य और सभी आदित्य को पकड़कर निकलने लगता है तभी जानवी भी दरवाजा खोलती है और दौनो एक दुसरे के ( जानवी और आदित्य) आमने सामने खड़ा हो जाता है ।
आदित्य जानवी को दैखकर अपनी नजरे फेर लेता है और जानवी आदित्य को दैखती है , आदित्य को रमेश और कृतिका पकड़कर ले जा रही थी । आदित्य को दैखकर जानवी सौचती है --
उस इंस्पेक्टर ने कुछ ज्यादा ही मारा है । इतना बोलतर जानवी रागिनी के पास चली जाती है ।
ज
रागिनी :- बैठिए । जी बोलिए ।
जानवी :- जी मेरा नाम जानवी है मैं वो विकास के बारे मे जानना चाहती हूँ ।
जानवी नाम सुनकर रागिनी हैरान थी , रागिनी कहती है --
रागिनी :- जानवी , आदित्य की वाईफ राईट ।
जानवी :- थी , पर अब नही हूँ ।
रागिनी :- तुमने ही आदित्य को पुलिय वालो से पिटवाया है , है ना ।
जानवी :- तुम्हें उससे क्या , जो जैसा करेगा वो वैसा ही भोगेगा ।
रागिनी :- सही कहा तुमने जानवी । जो जैसा करेगा वैसा ही भरेगा । तुमने जो आदित्य के साथ किया है उसे तो तुम्हें चुकानी ही पड़ेगी ।
जानवी :- देखिए, मैं यहां पर विकास का हाल चाल पूछने आई हूँ । आप बस इतना बता दिजिये के वो कैसा है ।
रागिनी :- विकास जी तो अभी ठिक है मामुली चोंट है कल तक ठिक हो जाएगा । पर तुमने जो चोंट आदित्य को दिया मेंटली भी और Physical भी । इसके बारे मे नही पुछोगी ।
जानवी :- दैखिए डॉक्टर, मैं यहां पर आपसे बहस करने नही आई हूँ । मैं आदित्य को अच्छे से जानती हूँ के वो कैसा है इसिलिए प्लिज आप उसकी तरफ दारी ना करे । उसका तो आदत है पैसो वाली लड़कियों को फसाना । और मुझे लगता है के उसने आपको भी अपने जाल मे फसा लिया है ।
रागिनी :- कास आपकी बात सच होती और वो मुझे अपने जाल मे फसा लेता । मैं तो बचपन से ही उसके जाल मे फसना चाहती हूँ पर वो है के मुझसे नही किसी और से प्यार करता है । बाय द वे । आप विकास को ले जा सकती हो ।
जानवी रागिनी की बात को सुनकर थोड़ी सी हैरान थी , पर वो अब और कुछ पूछना नही चाहती थी , इसिलिए जानवी विकास को लेकर वहां से चली जाती है ।
रात का समय था रागिनी के घर पर पार्टी सुरु हो चुका था । पार्टी बहोत सारे मेहमान आए हूए थे । मोनिका , विक्की , जानवी , अशोक और तिवारी फैमिली भी आया हूआ था । विद्युत तिवारी को दैखकर रागिनी और प्रताप दोनो विद्युत ,पुनम और अनय के पास जाता है । विद्युत रागिनी से कहता है --
विद्युत :- Congratulation बेटा ।
To be continue....380