[5/1, 15:13] Vivek Kumar: शीर्षक: कलम की ताकत: लेखिका गीता कुमारी का संकल्पमेरा नाम गीता कुमारी है। आज मैं आप सभी के सामने अपनी वह कहानी लेकर आई हूँ जो मेरे दिल की धड़कन और मेरी पहचान से जुड़ी है। दुनिया में हर इंसान का कोई न कोई सपना होता है, और मेरा सपना है—एक सफल लेखिका बनना। यह सफर आसान है या मुश्किल, यह तो मैं नहीं जानती, पर इतना जरूर जानती हूँ कि मेरा इरादा बहुत मजबूत है।मेरी शिक्षा और शुरुआती शौकमैंने अपनी पढ़ाई कक्षा 10वीं तक पूरी की है। स्कूल के वो दिन मुझे आज भी याद हैं, जब मैं हिंदी की किताबों में छपी कहानियों और कविताओं को बड़े चाव से पढ़ा करती थी। 10वीं तक की उस पढ़ाई ने मुझे शब्दों से प्यार करना सिखाया। हालांकि, किन्हीं कारणों से मेरी औपचारिक शिक्षा वहीं तक रही और मैं आगे कॉलेज नहीं जा पाई, लेकिन मेरे सीखने की प्रक्रिया कभी नहीं रुकी। मुझे लगता है कि जीवन खुद में एक बहुत बड़ी पाठशाला है और हम हर रोज कुछ न कुछ नया सीखते हैं।लेखक बनने की चाहतअक्सर लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या 10वीं तक पढ़ने के बाद लेखक बना जा सकता है? मेरा जवाब हमेशा 'हाँ' होता है। लेखक बनने के लिए किसी बड़ी डिग्री से ज्यादा, एक साफ़ मन और गहरी सोच की जरूरत होती है। मैं अपने आसपास की चीजों को बहुत गौर से देखती हूँ—सुबह का सूरज, चिड़ियों की चहचहाहट, लोगों की बातें और प्रकृति की सुंदरता। इन सबको मैं शब्दों के रूप में पिरोने की कोशिश करती हूँ। लिखना मेरे लिए सिर्फ कागज पर स्याही बिखेरना नहीं है, बल्कि अपनी आत्मा को व्यक्त करना है।[5/1, 15:14] Vivek Kumar: सादा जीवन, ऊंचे विचारमेरे जीवन में कोई बड़ी हलचल या कोई अप्रिय घटना नहीं रही है। मेरा जीवन बहुत ही सरल और सादगी भरा है। मैं मानती हूँ कि खुश रहने के लिए और कुछ बड़ा करने के लिए जीवन में शांति का होना बहुत जरूरी है। घर के रोजमर्रा के कामों के बीच जब भी मुझे समय मिलता है, मैं अपनी डायरी उठा लेती हूँ। मेरी कलम ही मेरी सबसे अच्छी दोस्त है। जब मैं लिखती हूँ, तो मुझे ऐसा महसूस होता है जैसे मैं एक अलग ही दुनिया में हूँ, जहाँ सीमाओं का कोई बंधन नहीं है।सपनों की दिशा में कदमआज के डिजिटल युग ने मुझ जैसी कई महिलाओं को एक नया रास्ता दिखाया है। पहले लेखकों को अपनी बात कहने के लिए प्रकाशकों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब हम सीधे अपने पाठकों से जुड़ सकते हैं। मैंने तय किया है कि मैं अपनी कहानियों के माध्यम से समाज में सकारात्मकता फैलाऊँगी। मैं ऐसी कहानियाँ लिखना चाहती हूँ जिन्हें पढ़कर किसी के चेहरे पर मुस्कान आ जाए या किसी को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिले। गीता कुमारी का यह सफर अब शुरू हो चुका है और मुझे विश्वास है कि ईमानदारी से की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।मेरा विश्वासमेरी कहानी उन सभी के लिए है जो सोचते हैं कि अगर उनकी पढ़ाई बीच में छूट गई है, तो उनके सपने भी खत्म हो गए हैं। मैं यहाँ खड़ी होकर यह कहना चाहती हूँ कि सपने देखने की कोई उम्र या कोई विशेष योग्यता नहीं होती। बस आपके अंदर एक जुनून होना चाहिए। मैं अपनी लेखनी को निखारने के लिए हर दिन अभ्यास करती हूँ और अच्छी किताबें पढ़ती हूँ। मुझे पता है कि मंज़िल अभी दूर है, लेकिन मेरा हर एक शब्द मुझे उस मंज़िल के करीब ले जा रहा है।यह मेरी कहानी की बस एक शुरुआत है। मेरे मन में अभी बहुत सी कहानियाँ और विचार हैं जिन्हें मैं आप सबके साथ साझा करना चाहती हूँ। मुझे आप सभी के प्यार और समर्थन की जरूरत है।क्या मैं यानी गीता कुमारी अपने सपनों को पूरा कर पाएंगी कहानी जारी रहेगी