Life Bound in Sad - Episode 6 in Hindi Love Stories by kajal jha books and stories PDF | सैदो में बंधी जिंदगी - एपिसोड 6

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सैदो में बंधी जिंदगी - एपिसोड 6

एपिसोड 6: धोखे की आगआर्यन का फोन अभी भी हाथ में था, स्क्रीन पर मैसेज चमक रहा – "असली कातिल राकेश मिश्रा। अनन्या का चचेरा भाई। प्रूफ भेजा।" अनन्या सोफे पर बैठी, आर्यन की आँखों में शक देख रही थी। "क्या हुआ? किसका मैसेज?" आर्यन ने फोन टेबल पर रखा, ठंडे स्वर में कहा, "विक्रम के आदमी ने कन्फेस किया। अर्जुन का कातिल तेरा चचेरा भाई राकेश है। 5 साल पहले पार्टी में। अंकित तो बस गवाह था।" अनन्या स्तब्ध। राकेश? वो चचेरा भाई जो बचपन में घर आता था, चॉकलेट खिलाता? "नहीं... राकेश तो गाँव में है। किसान। झूठ है!" लेकिन आर्यन ने फोन आगे किया – वॉइस नोट। विक्रम का आदमी: "राकेश ने चाकू मारा था। अंकित ने छिपाया। बदले के लिए।" अनन्या के पैर लड़खड़ाए। "मेरी फैमिली... गंदी?" आर्यन करीब आया, कंधे पर हाथ रखा। "सच कड़वा है अनन्या। लेकिन अब साथ लड़ेंगे।" अनन्या रो पड़ी, आर्यन के सीने से लग गई। पहली बार सच्ची गर्माहट महसूस हुई। लेकिन शक बाकी था।सुबह अनन्या ने अंकित को फोन किया। "भैया, राकेश चाचा का बेटा? सच क्या है?" अंकित घबरा गया। "दीदी, पुरानी बात। राकेश ने गलती की, मैंने चुप रहकर बचाया। लेकिन आर्यन को मत बताना!" अनन्या गुस्से में, "तुमने छिपाया? क्यों?" अंकित रोया, "फैमिली हो न।" अनन्या फोन काट दिया। मन उलझा। आर्यन मीटिंग से लौटा, अनन्या को उदास देखा। "चल, बाहर घूम आएँ। दिमाग खाली होगा।" अनन्या चौंकी। "तुम... डेट?" आर्यन मुस्कुराया, "कॉन्ट्रैक्ट का पार्ट। बीवी को खुश रखना।" दोनों कार में निकले – पटना के किनारे गंगा घाट। सूरज ढल रहा, हवा ठंडी। आर्यन ने चाय लगवाई, दोनों सीढ़ियों पर बैठे। "अर्जुन के बारे में बताऊँ?" अनन्या ने सिर हिलाया। आर्यन बोला, "वो मेरा छोटू था। हँसता-खेलता। इंजीनियरिंग कॉलेज में। राकेश से झगड़ा – पैसों पर। चाकू गया सीने में। मैंने बदला लिया पापा के साथ, लेकिन गलत आदमी को। अंकित को फँसाया। सॉरी।" अनन्या का दिल पिघला। "तुम्हारा दर्द... समझती हूँ।" हाथ थामा। आर्यन ने आँखें बंद कीं। रोमांस की पहली लहर।घाट पर घूमते हुए आर्यन ने अनन्या का हाथ पकड़ा। "तू डरी लग रही। डांस?" म्यूजिक बज रहा था दूर। अनन्या शरमाई, लेकिन थमा ली। धीरे-धीरे घूमे, सिर उसके कंधे पर। "आर्यन, कॉन्ट्रैक्ट... अब क्या?" आर्यन ने कान में फुसफुसाया, "शायद परमानेंट।" अनन्या का चेहरा लाल। किस होने वाला था, तभी फोन बजा। आर्यन का मैन – "बॉस, विक्रम का हमला प्लान। राकेश को बचाने। आज रात बंगले पर।" रोमांस टूटा। घर लौटे, तैयारी शुरू। आर्यन ने गन चेक की, अनन्या को सेफ रूम भेजा। "डरो मत।" लेकिन अनन्या ने मना किया। "साथ लड़ूँगी।" आर्यन मुस्कुराया।रात 11 बजे धमाका। गेट उड़ा, 10 गुंडे अंदर। गोलीबारी। आर्यन और गार्ड्स ने जवाब दिया। अनन्या सेफ रूम से देख रही – CCTV पर। विक्रम आगे, राकेश पीछे! "चचेरा भाई!" अनन्या दौड़ी बाहर। लिविंग में भिड़ गई। "राकेश! सच क्या है?" राकेश हँसा, "दीदी, फैमिली प्रॉपर्टी का लालच। अर्जुन रास्ते में आया।" गोली चली, अनन्या बच गई। आर्यन दौड़ा, राकेश को पकड़ लिया। मुक्का मारा। विक्रम भागा। पुलिस आई, राकेश गिरफ्तार। लेकिन विक्रम का मैसेज: "ये शुरुआत है राठौर।"सब शांत। अनन्या घायल – हाथ पर खरोंच। आर्यन ने मरहम लगाया। "तू बहादुर है।" करीब आया, होंठों पर किस। अनन्या ने नहीं रोका। प्यार का पहला स्पर्श। लेकिन आर्यन को कॉल – "बॉस, राकेश का कन्फेशन: अंकित ने भी मदद की। प्लानिंग में।" धोखा गहराया। अनन्या सुनी? क्या ब्रेकअप?(अगला एपिसोड: भरोसा टूटे? इंतजार रहे!)