Row Agent - 1 - 21 in Hindi Detective stories by bhagwat singh naruka books and stories PDF | रॉ एजेंट सीजन 1 - 21

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रॉ एजेंट सीजन 1 - 21


रशीद मसूद ____ भाई जान Dell कर रहा हु ,कोई धोखा नहीं ,, पैसे तो मैंने दो दिन पहले ही मागा लिए थे ,,, ( अपने छोटे भाई को इशारा करते हुए ) बस इंतजार था आपकी खबर का ,, हमारे काम में देरी नही होती पैसे की , फंडिंग बहुत मिलती है ख़बर पक्की और सही है तो आगे भी हमारा रिश्ता बना रहेगा ,,,। 

तभी हामिद मसूद पैसे के भरे चार बैंग लेकर आता है और एक एक करके ओपन कर देता है इतने सारे पैसे देख कर हाफिज के मुंह में पानी आ जाता है और बैंग में रखे पैसे पर हाथ फेरने लगता है ,, 
उसकी ललचाई नजरों को दोनो ऑफिसर देखते है , 

अब कहिए,, ख़बर क्या है पैसे आपके सामने है ,,।

दिग्विजय चौटाला ____ पहले पैसे तो गिन लिए जाए ,,पूरा है या नही ,भाई जान ,,, वो क्या है ना 300 करोड़ का मामला है ,, ।

हाफिज ____(जल्दबाजी से ) हा हा ,, लाओ मैं गिनती करता हु ,मेरा गणित बहुत तेज है ,, मशीन से भी तेज गिनता ,, ( जेसे ही बैंग को हाथ लगाता है हाफिज रशीद मसूद चिल्लाता है )

रशीद मसूद ____ पहले मुझे यकीन दिलाओ की ख़बर काम की है या नही ,,तब तक पैसे के कोई हाथ नहीं लगाएगा ,, । 

अविनाश मेहरा ____हा ये बात तो सही है आपकी ,,लेकिन इतना खबर इतनी है की ,, भारत सरकार ने निर्णय लिया है की pok बहुत जल्दी भारत का हिस्सा होगा ,उसके लिए पाक अतिक्रत जम्मू के हिस्से में फोज की टुकड़ी भेजने वाले है ,,और अगर इसके बीच में कोई आया तो उसकी कब्र खोदने में ढील नही होगी ,,इसका ताजा उधारण कल रात का ही ले लो ,, एक आतंकवादी को किसी अनजान आदमी ने गोलियों से भून दिया ,,, ,। ओर भाई कई ख़बर है मेरे पास 

रशीद मसूद ____और बताओ ये तो एक हुई ,, तीन सूचना दो 300 करोड़ आपके ,,।

अविनाश मेहरा _____ तो सुनो ,,, पक्की ख़बर है दो दिन बाद पीएम साहब राजौरी और pok का दौरा कर रहे है ,,मैं भी साथ रहूंगा,, पक्की ख़बर है ,,, और सबसे अच्छी बात ,, बाई रोड जायेगे ,, रूट वही रहेगा ,पक्की ख़बर है ,,।

रशीद मसूद ____अगर ये बात सही है तो यकीन मानो ये 300 करोड़ आपके और इससे भी जायदा आपको मिलेंगे बस आप हमारे साथ हाथ से हाथ मिला कर चलो ,, क्यों हाफिज मिया,, (खुश होते हुए )

दिग्विजय चौटाला _____एक मिनट रशीद मिया,,पहले ये तो बताओ इस खबर को तुम किसको देने वाले हो ,,

हामिद मसूद ____इससे तुम को क्या ,,हम किसको दे या न दे तुम्हे पैसे मिले ना पैसे लो और चलते बनो ,, (गुस्सा जाहिर करता हुआ )

हाफिज___ हा ये भी सही बोल रहा है ,,हमे क्या पैसे मिल गए ना हमे यही तो चाहिए अब ये लोग खबर का क्या करे या ना करे इनका काम जाने ,, क्यू सर,, ( हलका सा मुस्कुरते हुए )


दिग्विजय चौटाला ____इतना गुस्सा क्यू होते हो छोटे भाई ,,मैं तो ये जानना चाहता हु की ये खबर तुम्हारे किस काम की है ,, वैसे भी गन्ने का जूस ही बेचना है ,, या फिर कही ऐसा हो नहीं की इस सूचना को किसी और को बेच कर बड़ी रकम लेना चाहते हो ,,या फिर पाकिस्थान की सरकार को कुछ दर्शाना चाहते हो ,,,।

रशीद मसूद ____देखो साहब अब आप हमारी डील की शर्ते तोड़ रहे हो ,,,  अब आप हमारे पर्सनल काम में टांग अड़ा रहे हो ,, इसका अंजाम बहुत बुरा होगा ,। 

( पास में जमीन पर रखे कालीन को उठाते हुए पिस्टल निकालता है और उन तीनो पर तान देता है ,,, 



Countinue _______