मेरी हो तुम by Pooja Singh in Hindi Novels
 पैहरगढ़ में कई दिनों बाद फिर से रौनक लौट आई थी।मंदिर की घंटियाँ, घरों में दीपक, और हर चेहरे पर सुकून था।अदिति छत पर खड़...
मेरी हो तुम by Pooja Singh in Hindi Novels
आदित्य – चेताक्क्षी | सोलफुल रिश्तामंदिर में धूप और अगरबत्ती की खुशबू फैली थी।चेताक्क्षी दीपक जला रही थी।आदित्य उसे दूर...
मेरी हो तुम by Pooja Singh in Hindi Novels
विवेक – अदिति | गहरा रिश्तारात का सन्नाटा चारों ओर फैला था।घर सो चुका था… लेकिन अदिति की आँखों में नींद नहीं थी।छत पर बै...