मन के अल्फाज - ख्वाहिश की कविताएं। by khwahishh in Hindi Novels
1.स्याही का दामन।"मेरे लफ्जो ने स्याही का दामन थाम लिया है। अब लिखूँगी मैं अपनी किश्मत अपने ही हाथो से। लिखूँगी अपना हर...
मन के अल्फाज - ख्वाहिश की कविताएं। by khwahishh in Hindi Novels
1.) डर लग रहा है।“ आज मुझे डर लग रहा है…!कहीं वक्त से पहले ये वक्त ना बदल जाए।जिंदगी के रास्ते में कई मोड़ है। डर है, कही...