Quotes by Lodhi Akhira in Bitesapp read free

Lodhi Akhira

Lodhi Akhira

@akhira


गुलाब मिले या ना मिले, पर कांटे ना मिले ।
किसी को कोई मिले या ना मिले,
पर लेकिन बेवफा सनम ना मिले।
तुम्हारे लिए खुदा से यही दुआ करुगा मै ,
कोई तुम्हे तुम्हारे जैसा ना मिले ।
:- लोधी अखीरा

Read More

जब तुम मिलोगी

मै एक बार मिलना चाहता हू
तुम्हे कुछ बताना चाहता हू

अपने दर्द एक दिल की वया करुगा
और कुछ नही तुम से दो बाते करूगा

होता है दिल मे दर्द इसकी दवा बता देना
और कुछ कर ना सको तो गले ही लगा लेना

मै चाहूंगा नही तुमसे मिलना
फिर भी तुमसे मिलने की अरदास करूगा

मै पूछू तेरा हाल ,तो सच सच बताना
हो सके तो अपने दिल का हाल बताना

अब तेरे बिन मुझ से रहा नही जाता
ये टूटा दिल मुझ से सभाला नही जाता

अब इस दिल को कैसै समझाऊ
अब तू मेरा नही है कैसै बताऊ

- Lodhi Akhira

Read More

देखकर उनकी ऑखो को, हमे इश्क की बीमारी लग गयी ।
रहते रहते उनके साथ, हमे उनकी आदत लग गयी ।
बचकर चले हम उम्र भर काटो से , ऐ अखीरा
और चोट एक फूल से लग गयी ।
:- लोधी अखीरा

Read More

दिमाग लगाने की उम्र मे दिल लगा बैठे है।
जिन्दगी साबारने की उम्र मे मोहब्बत कर बैठै है।
और सब कुछ पता होते हुए भी, अखीरा
जो हमारा नही हो सकता उसे ही अपना समझ बैठे है ।

:- लोधी अखीरा

Read More

बढे ढंग से छिपाया करती थी ,मुझे अपना बताया करती थी
वो गली मे आने जाने के बहाने, वो मुझ से भी मिला करती थी ।
और बढी मासूम थी वो लडकी,
जो मिलता सभी को अपना बना लिया करती थी ।
:- लोधी अखीरा

Read More

बसंत





आया बसंत ,छाया बसंत
महीना नही एक याद है बसंत

शीत ऋतु का आगमन है बसंत
बर्षा का गमन है बसंत

कुछ यादे भुलाने का दौर है बसंत
कुछ नयी यादे बनाने का दौर है बसंत

पत्ते यू ही नही गिरते पेड से
पुरानी यादे भुलाने का दौर है बसंत

नये पत्ते अपनाने का मतबल
शुरुआत करने का महीना है बसंत

देखो इस ऋतु को
बडा प्यारा है बसंत

थोडी सी बारिस थोडी सी गर्मी थोडी सी सर्दी
सभी ऋतु का समावेश है बसंत

आरम्भ है बसंत
अन्त है बसंत

:- लोधी अखीरा

Read More

संघर्ष कर


अभी तू जिन्दा है ,
तुझे जीना होगा ।
हुए है जो घाव ,
इन्हे खुद भरना होगा ।

थोडे से घाव क्या देखे,
तू तो डर गया ।
लगता है ,
तू जीते-जी मर गया ।

मत डर इन घाव से,
ये तो भर जाएगे।
अगर कदम हटे तेरे पीछे,
तो पछतावा उम्र भर को दे जाएगे।

थोडी सी तो हिम्मत दिखा ,
अभी दिन है तेरे जवानी के।
मनता हू कि,
लगता है सभी को डर संघर्ष से।

अपने लिए नही तो,
उठ उस माॅ के लिए ।
नही निभा सकता फर्ज तो,
लड उस माॅ के कर्ज के लिए।

अगर अभी थक गया ,
तो थू है ,तेरी जवानी पे ।
मिलाएगा कैसै ऑख ,
अपनी माॅ के देखे सपनो की कहानी से ।

:- लोधी अखीरा

Read More

जब से तुम से मिला हु मै स्वभाव नर्म रखता हू ।
पिस्तौल चलाने की उम्र मे , मै हाथ मे गुलाब 🌹 रखता हू।
और मत करना मुझ पर भरोसा ,मै वो इन्सान हू ,
जो सभी का सच जानकर भी खुद को धोखे मे रखता हू।
:- लोधी अखीरा

Read More

खुद को दुर्योधन तो तुझे अपना कर्ण लिखुगा।
लिखू अपने को अर्जुन तो तुझे कृष्ण लिखुगा।
यू तो दुनिया मे है लाख बन्दे ,
सभी को लिखू मै मित्र तो तुझे मै अपना भाई लिखुगा।
:- लोधी अखीरा

Read More

मेरी बहन


वो लडती है झगडती भी है
वो एक लडकी है
मै उससे छोटा
वो मुझसे थोडी बडी भी है
वो और कोई नही
मेरी बहन है मेरी बहन है

करता हूॅ परेशान तो मै
वो दो थप्पड लगा भी देती है
रोता मै जब
फिर वो मुझे मना भी लेती है
वो और कोई नही
मेरी बहन है मेरी बहन है

खेलते है खाते है साथ भी स्कूल जाते है
मुझे ना लगे बोझ मेरा बैग ले लेती है
आता नही मुझे कुछ
तो बडे प्यार से समझाती है
वो और कोई नही
मेरी बहन है मेरी बहन है

करती है प्यार बहुत
तभी तो बहन दूसरी माॅ कलाती है
भाग्य से नही मिलती ये
सौभाग्य से मिलती है बडी बहनै

कैसै अदा करु मै अपना फर्ज
कैसे चुकाऊ मै तेरा कर्ज
तेरा कर्ज मुझ पर बाकी रहेगा जिन्दगी भर
चुका नही पाऊगा इसे उमर भर
:- लोधी अखीरा

Read More