The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
इश्क़ मे हमने शर्त कुछ इस कदर रखी थी... ✍️
क्योंकि में कुम्भ राशि का हुं.... ✍️
काश उस दिन वक़्त ठहर जाता, काश कि उस दिन मैं चुप हो जाता, ना मिलते हम, ना ही कोई बात होती, और काश, ये काश ही रह जाता.... लेकिन, लेकिन उसे भी तो मंज़ूर कुछ और ही था, मिलना, बतियाना और ना जाने कितने जवाबों की जगह सवाल छोड़ जाना, जैसे सब्र, अकेलापन, सूनापन, सोचने पे मजबूर..... और एक लंबा इंतज़ार.... काश, ये काश ही रह जाता.... @मन_का_झरोखा
हो कोई शख़्स - जिसको हम अपनी सारी परतें खोल दें, दिल का हर हाल, हर किस्सा बोल दें, और... और शर्त ये कि कोई सवाल न हो मुझसे, वरना रो पड़ेंगे हम बोलते-बोलते... @मन_का_झरोखा
"स" से सारा संसार - आओ तुम्हें स से सारे संसार की सैर कराऊँ, स से सूरज ने रात की यात्रा को शून्य कर के, स से सवेरे को सुनहरा अवसर दिया। स से सरिता ने सतत बहकर संयम सिखाया, स से सागर ने सबको समेटकर समभाव दिखाया। स से सितारों ने सजाई संध्या की चादर, स से सपनों ने संजोए जीवन के सुंदर मंज़र। स से संघर्ष ने सफलता का संदेश सुनाया, स से सत्य ने सदैव सम्मान का स्थान पाया। स से स्नेह ने संबंधों को सुदृढ़ बनाया, स से संतोष ने सुख का सही सरनामा बताया। स से संसार है, स से संस्कार हैं, स से संवेदनाएँ और स से सरोकार हैं। स से शुरू होकर सफ़र यही समझाता है, कि सरल सा जीवन ही सबसे सुंदर कहलाता है। स से सरलता से शब्दों को सुंदरता से संजोने वाला, स से संदीप देवड़ा 🥰 Man_Ka_Zharonkha ✍️Sandeep Devada https://www.instagram.com/man_ka_zharonkha
बत्ती जैसे हरी हुई और वो बस गुज़र गई, खुशियाँ जैसे रुकी ही थीं, पल में न जाने किधर गई। सी कर एक-सा किया ही था ज़िंदगी को, कि थोड़ी सी खींचा-तानी में फिर से उधड़ गई। रोटी, ज़िम्मेदारियाँ, सपनों और अपनों के बीच बँटा रहा मैं, एक चीज़ संभाली तो दूसरी फिसल गई। @Man_Ka_Zharonkha
ये किस क़दर मुझे तुमने परेशाँ रखा है… कि अब ख़ुद से भी आसानी से मिलता नहीं हूँ मैं। हर रोज़ ढूँढता हूँ अपने ही वजूद को, ना जाने तुमने मुझे आख़िर कहाँ रखा है… 💔 @Man_Ka_Zharonkha
वो कहते हैं — हम क्या-ही लिख देंगे, अब क्या बताएं… की हम क्या-ही लिख देंगे, हम इन्हे भी लिख देंगे, हम उन्हें भी लिख देंगे, लिखने को तो हम तुम्हे भी लिख देंगे, और क्या ये इश्क़, इबादत, दिल, दरिया, आशिक़ी की बात करते हो, अरे… लिखने पर आएँ तो तेरी तकदीर की स्याही भी लिख देंगे ✍️✨ और मत किया करो हमें हेरा, ये कह-कह कर कि लिखना-विखना तुम्हारे बस की बात नहीं।। शुक्र करो कि मिले नहीं हैं तुम्हारी अम्मी से अब तक, वरना 2 पल की मुलाकात में तेरा और मेरा ब्याह-ही लिख देंगे! 💍😎 हाँ मैं जानता हूँ कि करते हो पसंद मुझे मन ही मन तुम-भी लेकिन, इश्क़-ए-इज़हार तुम्हारे भी बस की बात नहीं। क्या लिखने के तंज़ हमें बार-बार देते रहते हो, इशारा दो ज़रा लिखकर, तुम भी हमें… इज़हार-ए-इश्क़ को हम हाँ-ही लिख देंगे! 💕 ****क्या अब भी पूछोगे कि हम क्या-ही लिख देंगे?**** *Man_Ka_Zharonkha* ✍️Sandeep Devada https://www.instagram.com/man_ka_zharonkha
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser