विक्की :- और नही तो क्या , तुम्हारी औकात ही क्या है , तुमने यो सोचा भी कैसे के तुम विक्की से शादी कर सकती हो । अरे तुम्हारी जैसी लड़की तो हर रोज मेरे आगे पिछे घुमते है , मैने तुम्हें अपने करिब आने दिया अपने साथ घुमाया , तुम्हारे लिए इतना बहोत है । और तुम मुझसे , मुझसे शादी करने की सौच रही हो । अपनी औकात की कोई लड़का देखो और शादी करलो । और हां कल मेरे ऑफिस आ जाना कुछ पैसे ले लेना , तुम्हारी काम आएगी ।
इतना बोलकर विक्की फोन काट देता है , मोनिका समझ जाती है के विक्की ने उसका फायदा उठाया है , पर अब वो कर भी क्या सकती थी , किसी को बता भी नही सकती थी , मोनिका को अपने किये पर पछतावा होने लगा था । मोनिका को समझ मे आ गया था के पैसा और प्यार मे बहोत फर्क है । मोनिका अपने आप ही कहती है --
मोनिका :- ये मुझसे क्या हो गया , विक्की मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकता है , पैसो के लालच मे ये मैने क्या कर दिया । अब , अब क्या होगा मेरा बच्चा , अगर किसी को पता चला के मैं प्रेग्नेंट हूँ तो मैं क्या कहूंगी ।
इधर शमिका और विक्की एक रेस्टुरेंट पर बैठकर खाना ख रहे थे तभी विक्की शमिका का हाथ पकज़ता है और कहता है --
विक्की : - आज मैं बहोत खूश हूँ शमिका , जबसे तुम गई थी मेरा तो मन ही नही लगता था , एक खाली पन सा था मेरे लाईफ मे , अब तुम आ गई तो सब अच्छा लगने लगा ।
शमिका :- अच्छा, मुझे तो लगा था के मेरे एब्सेंस मे तुम कही और चक्कर ना चला लो ।
शमिका से इतना सुनकर विक्की के चेहरे की रंगत बिगड़ जाता है , विक्की कुछ दैर तक हक्का बक्का रह जाता है और फिर कहता है --
विक्की :- अ.. अरे नही शमिका , ऐसा क्यों बोल रही हो ।
शमिका :- क्योकी मुझे ऐसा लगा इसिलिए मैने कहा ।
विक्की :- नही नही , ऐसा कुछ भी नही है । अच्छा तुम्हारा ट्रिप कैसा रहा ?
शमिका :- बहोत ही अच्छा, जब पुरा प्लान ही आदित्य का है तो वो बुरा कैसे हो सकता है भला ।
विक्की :- आदित्य ? तुम्हारा मतलब आदित्य तिवारी , विद्युत तिवारी का छोटा बेटा ।
शमिका :- हां , उसने मेरी बहोत मदद की , तब जाके मैं ये प्रोजेक्ट कंप्लीट कर पायी ।
विक्की :- वो तो है ही बेस्ट ।
शमिका :- हां , सच मे वो बहोत स्पेशल है । गॉड गिफ्टेड है वो , क्या शॉर्प दिमाग है , तुम्हें पता है विक्की , वो किसी भी काम को यूं .. यूँ , चुटकी मे सॉल्व कर देता है ।
विक्की :- मैने भी उनका बहोत नाम सुना है पर कभी मिलने का मौका नही मिला ।
शमिका :- और तुम बताओ , तुम्हारा कैसे चल रहा है ।
विक्की :- मेरा भी बहोत ही अच्छा चल रहा है , मुझे भी आदित्य सर से मिलना है शमिका , उनसे मिलकर मैं उन्हें पर्सनली थैंक्स बोलना चाहता हूँ । क्योकी आज मैं जो कुछ भी हूँ उनके वजह से ही हूँ । और तुम्हें भी थेंक्यू शमिका ।
शमिका :- मुझे क्यों ?
विक्की :- तुम्हारे कहने पर ही मुझे ये प्रोजेक्ट मिला है , अगर तुम आदित्य सर से मेरे लिए बात नही करती तो पता नही मैं कहां रहता।
शमिका :- आदित्य है ही ऐसा , वो कभी मेरी बात को नही टाला है।
दुसरा दिन सुबह विक्की अपने घर मे आफिस के लिए तैयार हो रहा था तभी वहां पर मोनिका आ जाती है , मोनिका विक्की कहता है --
विक्की :- तुम , तुम यहां क्यों आयी हो ?
मोनिका :- क्यूं आयी हूँ का क्या मतलब विक्की ।
विक्की :- मतलब , अब तुम्हारा और मेरा कोई रिस्ता नही है ।
मोनिका :- ऐसा क्यों बोल रहे हो विक्की, दैखो मैं तुम्हारे बच्चे का माँ बनने वाली हूँ । कमसे कम इसका तो ख्याल करो ।
विक्की :- क्या अभी तक तुमने एबॉर्शन नही करायी , ये क्या है मोनिका , मैने तुमसे कहा था ना के मैं किसी और प्यार करता हूँ ।
मोनिका :- तो फिर मैं कौन हूँ विक्की , तुम मेरै साथ ऐसा क्यों कर रहे हो , मैं तुमसे बहोत प्यार करती हूँ विक्की ( अपनी आखों से आंशु पोंछते हूए ) चलो ना विक्की हम शादी कर लेते है ।
इतना बोलकर मोनिका विक्की का हआथ पकड़ लेती है , विक्की अपना हाथ मोनिका से छुड़ाकर कहता है --
मोनिका :- ये क्या है मोनिका, एक बार बोलने पर तुम्हें समझ मे नही आता क्या । मैं शमिका से प्यार करता हूँ और उससे ही शादी करुगां ।
मोनिका :- और मैं विक्की, हमारे बिच क्या था फिर ?
विक्की :- दैखो मोनिका , समझने के कोशिश करो , मैं तुमसे प्यार नही करता हूँ , वो शमिका मेरे साथ नही थी तो अपना मन बहलाने के लिए तुमसे मिलने लगा बस ।
मोनिका :- मन बहलाने के लिए तुमवे मेरा इस्तेमाल किया ।
विक्की :- ओ हलो , मैने इसके लिए पे भी किया है , बहोत सारे गिफ्ट और पैसे भी दिए है तुम्हें ।
मोनिका :- ( चिल्लाकर ) विक्की , हद मे रहकर बात करो , मैने तुमसे प्यार किया था ।
विक्की : - ( हंसते हूए ) क्या तुम मुझसे प्यार करती हो , पागल समझा है क्या मुझे , तुम मुझसे नही मेरे पैसो से प्यार करती हो , और जब तक शमिका नही थी तब तक मैने तुम्हें बहोत ऐश कराया , अब मुझे तुम्हारी जरुरत नही है और हां ये लो ( नोट का एक बेग देकर ) इसमे पंद्रह लाख है , जाओ इस बच्चे को अभी गिरा दो और इन पैसो से मोज करो ।
मोनिका चुप होकर विक्की को दैख रही थी । तब विक्की पांच लाख और निकाल कर देता है और कहता है --
विक्की :- अच्छा कम है क्या , ये लो इसमे और पांच लाख है कुल मिलाकर बिस लाख है , इससे तुम्हारे सारे काम बन जाऐगे । अब जाओ यहां से और दोबारा अपनी ये शक्ल लेकर मेरा पास मत आना ।
मोनिका :- ( गुस्से से ) मुझे ये पैसे नही चाहिए , मुझे मेरा हक चाहिए , मेरे बच्चे को उसके पिता का नाम चाहिए ।
विक्की :- क्या , क्या कहा तुमने , अपनी शक्ल दैखी हो आईने मे , तुम जैसे को मैं अपने घर मे नौकर भी ना रखु और तुम लाईफ पार्टनर बनने की बात कर रही हो , औकात मे रहकर बात करो ।
मोनिका को विक्की की बात पर बहोत बुरा लग रहा था , अब उसे समझ मे आ गया था के उसने पैसो के लालच मे आकर अपनी जिंदगी को बर्बाद कर दिया था । मोनिका फिर कहती है --
मोनिका :- विक्की, मेरे साथ ऐसा मत करो विक्की मैं तुम्हारे बिना नही रह पाउगी ।
इतना बोलकर मोनिका विक्की को गले लगाती है तो विक्की मोनिका को अपने से दुर करके मोनिका को एक चांटा मारता है , मोनिका स्तब्ध थी , अब मोनिका हैरीनी से विक्की की और दैख रही थी , विक्की मोनिका से कहती है --
विक्की : - तुम्हारी हिम्मत कैसे हूई मुझे छुने की , मैं रोज अपने बिस्तर को तुम जैसे लड़कियों से गर्म करता हूँ तो क्या मैं उन सबसे शादी कर लूं । ये पैसे लो और दफा हो जाओ यहां से ।
विक्की 20 लाख का बेग मोनिका के हाथ मे पकड़ता है और उसे धक्के दैकर घर से बाहर निकाल देता है और अपने गार्ड को डांटते हूए विक्की कहता है --
विक्की :- क्या कर रहे हो तुम लोग , कोई भी मेरे घर मे घुस जाता है , आज के बाद ध्यान रखना वरना सबको नौकरी से निकाल दूगां ।
इतना बोलकर विक्की घरके अंदर चला जाता है और मोनिका अपनी आंखो मे आंशु लिए वहां से जाने लगती है , तभी शमिका अपनी कार से वहां पर आती है , शमिका की मजर मोनिका पर जाती है , मोनिका के हाथ मे एक बेग था और उसके आंखो मे आंशु, शमिका वहां से घरके अंदर चली जाती है ।
जहां पर विक्की अपना सर को पकड़े बैठा था । शमिका विक्की से कहती है --
शमिका :- क्या बात है बेबी , कुछ प्रॉब्लेम है क्या ?
शमिका की आवाद सुनकर विक्की हक्का - बक्का हो जाता है विक्की घबराकर कहता है --
विक्की :- अ.. अरे श.... शमिका तुम यहां , तुम कब आई ।
शमिका :- बस अभी अभी । क्या बात है परेशान लग रहे हो ।
विक्की :- न.. नही तो , सब ठिक है ।
विक्की मन ही मन कहता है --
>" हे भगवान कही इसने मोनिका को दैख तो नही लिया । उस मोनिका की तो मैं , छोड़ुगां नही उसे मैं ।
विक्की इतना सौच बी रहा था के शमिका कहती है --
शमिका :- विक्की , वो लड़की कौन थी ?
शमिका के इतना पूछने पर विक्की घबरा जाता है, विक्की अनजान होने का नाटक करता है और कहता है --
विक्की :- कौन शमिका ?
शमिका :- ज्यादा बनो मत , तुम्हें सब पता है मैं किसके बारे मे बोल रही हूँ ।
विक्की :- अच्छा अभी जो गई वो लड़की ? वो मैं उसो जानता हूँ , उसकी पापा की तबियत बहोत खराब है तो मेरे पास आयी थी मदद मांगने , बेचारी बहोत परेशान थी । तो मैने उसे दौ लाख रुपया दिया इलाज कै लिए ।
शमिका :- तुम सच बोल रहे हो ।
विक्की :- हां शमिका , मैं तुमसे झुट क्यों बोलूगां । बेचारी पैसे हाथ मे लेते ही रो पड़ी ।
To be continue.....480
Note :- Shivam ji , Matrubharti par har 2 din mei ek he episode aata hai . iske liye maafi chahta hu , par meine 1100 word wala episode 1400 se 1800 tak kar diya hu .
2. Rd tomar singh ji , story ka lagbhag 70 % aapne padh liya hai , bas ab kuch din or lagega .
3. Shrinu ji , har roj mei bhi chahta tha ke aaye , par aisa nhi ho pa rha hai , maafi chahunga .
4. Or aap log apna pyar mere story par aise he banake rakhiye , aap logo ka bahot bahot dhanyavaad ❤️. Mei reply nhi kar pa rha hu pata nhi sayad setting mei dikkat hai .
SPECIAL THANKS jinhone har episode ko apne pyare comment or review diya wo hai . ANTIMA JI , VAISHNAVI SHUKLA JI , PAL JI , JAYSHREE S HADSNI JI , RD TOMAR SINGH JI , SHIVAM JI , DEEP JI , SHRUNU JI , JYOTI JI , aap sabko bahot bahot dhanyavaad . aap logo ko koi bhi dikkat ho aap mujhe message kar dena ya comment kar dena , uske dure hafte , naye episode aate he mwj jawab dunga . mere followers ko bhi bahot dhanyavaad . 😊❤️