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मेरी हार का जश्न मत मनाओ तुम, ये हार भी मेरी ही चाहत की निशानी है। गैरों से नहीं हारी कभी मैं, अपनों से हारी हूँ… क्योंकि वो मेरी कहानी है।
"मेरी हर दुआ में तेरा नाम शामिल है, मेरी हर याद में तेरा चेहरा काबिल है। जिस दिन मेरी धड़कन तुझे याद करना भूल जाए, समझ लेना कि ये रूह अब खुदा के पास हाज़िर है।" _ A singh
इस ज़ख्म की गहराई नापूं कैसे, कि दवा भी असर नहीं करती। वो निशान जो था वफा का, अब वो भी कहीं खो गया है। _ A Singh
भरोसा काँच की तरह होता है, एक दरार पड़े तो चमक खो देता है। फिर चाहे सच कितना भी साफ़ क्यों न हो, टूटा यक़ीन हर बात को धुंधला कर देता है। _ A Singh ✨
कभी-कभी हम हँसते बहुत हैं, ताकि कोई हमारा दर्द पढ़ न ले। सबको खुश रखते-रखते थक जाते हैं, पर कोई हमारी थकान समझ न ले।
आईना दिखलाए मुखड़ा, अंतर न पहचाने, मन की गहराई सदा, खुद ही मन जाने। गंगा धोए तन भले, मन न धुल पाए, भीतर की निर्मलता ही जीवन सफल बनाए। भगवान को चाहिए नहीं, स्वर्ण-रतन-भंडार, श्रद्धा की सच्ची ज्योति ही है उनका श्रृंगार। प्रेम न देखे रूप-धन, न जग का व्यवहार, निर्मल हृदय जहाँ मिले, वहीं सच्चा प्यार।
कैसे दिन बीत गए, कैसे हम अजनबी हो गए, जो कभी पास थे दिल के, आज दूर सभी हो गए। तुम कहते थे — साथ निभाएँगे हर हाल में, देखो वक़्त के साथ वो वादे भी खो गए। रास्ते एक थे, मंज़िल भी वही थी कभी, फिर न जाने क्यों कदम अचानक जुदा हो गए। याद हैं वो रातें, वो त्योहार, वो हँसी, दो जिस्म एक जान थे, और अब जुदा हो गए। तुम्हें देखकर लगता है भूल गए हो मुझे, या याद रखकर भी खामोश खड़े हो गए। हाँ… शायद किस्मत को यही मंज़ूर था, जो जान थे कभी, आज अजनबी हो गए। _ A Singh ✨
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