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याद रखें , इज़्ज़त वही देगा जो खुद इज़्ज़त के लायक होगा
उफ्फ.. तुम्हारे ये सुर्ख होंठ मेरे अंदर के मरे इंसान को जिंदा करती है। एक बच्चे को मां का दूध नहीं मिलता तो बच्चा क्या करता है?. बिल्कुल वही करता हूं मैं भी जब तुम मुझे नहीं मिलती। अब खुद को नहीं संभाल पाता जब तुम्हारा सुरम्य चेहरा मेरे भिक्षुक आंखों के सामने आता है। मै तुम्हारे हुस्न का गुलाम हूं। तुम वो हो जो ख्वाबों में भी दिखता है, मेरी ज़िंदगी को रंग देता है। तेरी आँखों में खो जाने का एहसास, मेरी मोहब्बत का एक सच्चा इजहार है। तुमसे प्यार करना मेरी आदत है, तुमसे दूर होना मेरी मुश्किल है। मेरा सपना है कि तुम मेरे चाय में चीनी मिलाओ और मैं तुमसे कहूं कि " चीनी ज्यादा मीठी हो गई, बिल्कुल तुम्हारी हुस्न की तरह"। ख़ैर .. सच यही है कि तुम मेरी नहीं हो। सच यही है कि तुम मेरी कभी हो ही नहीं सकती। ♥️
प्रिय संगिनी, क्या तुम्हें याद है वह शाम जब हमने साथ बैठकर ये कहा था कि चाहे जैसा भी वक्त आए, हम एक-दूसरे का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे? आज बारह साल बाद, मैं उस वादे के हर शब्द को याद कर रहा हूं – लेकिन तुम शायद भूल चुकी हो। तुम्हारे जाने की खबर ने मेरे भीतर सब कुछ तोड़ दिया है। जिस दिल को इतने सालों तक सिर्फ तुम्हारे नाम से सींचा था, आज वही दिल राख बन चुका है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि वह लड़की, जो मेरे जीवन की ताकत थी, एक दिन मेरी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाएगी। मैं हर सुबह जागता हूं, लेकिन अब कोई मकसद नहीं रहता। न वो हंसी गूंजती है कमरे में, न वो आवाज जो मेरी हर थकान मिटा देती थी। सब कुछ बना है, पर कुछ भी बाकी नहीं रहा। मैं अक्सर हमारी पुरानी तस्वीरें देखता हूं। उनमें वह मुस्कान है, जो अब मेरे लिए सिर्फ याद बन चुकी है। तुम्हारी आंखों में जो अपनापन था, अब वह किसी और के नाम हो गया है। जब सोचता हूं कि अब कोई और तुम्हें अपना कहता होगा, दिल जैसे किसी ने नोंच लिया हो। मैं मानता हूं, शायद मुझसे गलतियां हुई होंगी। शायद मैं उतना अच्छा नहीं था जितनी तुम उम्मीद करती थीं। लेकिन मेरा प्यार सच्चा था — शायद जरूरत से ज्यादा सच्चा। मैंने अपनी हर खुशी, हर सपना, हर उम्मीद तुम्हारे नाम कर दी थी। आज जब वो सब तुमसे कट गया है, तो मेरा अस्तित्व भी जैसे अपना मतलब खो चुका है। लोग कहते हैं, वक्त सब ठीक कर देता है। लेकिन उन्हें क्या मालूम, वक्त तो सिर्फ दिन बदलता है — यादें नहीं। तुम्हारी यादें अब भी रातों को नींद नहीं आने देतीं। मैं हर भीड़ में तुम्हारा चेहरा खोजता हूं, हर लड़की में तुम्हारी छवि ढूंढता हूं, लेकिन तुम जैसी कोई नहीं। कभी-कभी सोचता हूं, काश ये सब बस एक बुरा सपना होता। काश मैं जागूं और तुम फिर से मेरे पास बैठी मिलो, वही मासूम मुस्कान लिए। लेकिन अब तो तुम किसी और की जिंदगी का हिस्सा हो, और मैं सिर्फ एक बीती कहानी बन गया हूं। तुम्हारे बिना अब कुछ भी अच्छा नहीं लगता। न चांदनी, न बारिश, न वो गाने जो हम साथ सुनते थे। मैं बस चाह कर भी खुद को संभाल नहीं पा रहा। मैं टूट चुका हूं, लेकिन किसी को दिखा नहीं पा रहा। अगर कभी तुम्हें फुरसत में याद आए, तो बस इतना सोचना — कि कहीं एक इंसान अब भी तुमसे उतना ही प्यार करता है, जितना पहले करता था। फर्क बस इतना है कि अब वो तुम्हारे साथ नहीं, तुम्हारी यादों के साथ जी रहा है। तुम जहां भी रहो, खुश रहना। लेकिन समझ लेना — मेरे जीवन की खुशी तो तुम्हारे साथ ही चली गई थी। सदा के लिए, तुम्हारा 🖤
"यह दुनिया सड़ चुकी है और यहाँ के लोग भी। सच कड़वा होता है, और सच तो यह है कि यहाँ आपका अपना कोई नहीं है। हर इंसान मतलबी है; यहाँ तक कि मैं भी दूध का धुला नहीं हूँ, मैं भी मतलबी हूँ। हर किसी के मन में आपके प्रति ईर्ष्या है। जिसे आप अपना सबसे अच्छा दोस्त मानते हैं, वही अक्सर आपका सबसे बड़ा दुश्मन निकलता है। खैर, यह दुनिया वाकई सड़ चुकी है।"
सुख महज़ एक छलावा था,जिसमें न जाने कब से मैं सदियों की नींद सो रहा था।जब हक़ीक़त की ठोकर लगी और मैं संभला,तो जाना कि दुःख ही एकमात्र शाश्वत सत्य है।मैं तो बस इसी महा-दुःख का एक अंश हूँ,उसी के बीजों से पनपा एक अदना सा वजूद।आदि से अंत तक,मैं सिर्फ़ और सिर्फ़ दुःख से ही निर्मित हूं।
એથી વધારે યાતના તો હોય શુ બીજી ભીતર સમુદ્ર હોય ને આંસુ જડે નહિ 🍂
પોતાનો કામ ધંધો અને મહેનત છોડી ને ભગવાન ભરોસે બેઠેલા, આળસુ, કામચોર, અને દુનિયા પર બોજ બનેલા લોકો...!!!
पुरुष को अपनी शैशवावस्था का बोध तब होता है जब उस पर माँ भगवती कृपा करती हैं। इसके बाद ही वह जगत की स्त्रियों में विद्यमान शक्ति की अनुभूति करके उनके समक्ष मस्तक झुका सकता है। वास्तविक ब्रह्मचर्य यही है। शरीर के स्तर पर जो लंगोट करके शक्तिसंचय कर रहे होते हैं, लुट ही जाते एकदिन।
भलई किसी औरत ने आज तक ताजमहल न बनवाया हो, लेकिन उन्होंने घर करोड़ों बनाए हैं।
जिन्हें इंतजार आता है, उन तक बसंत खुद चल कर आता है।
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