Free Hindi Poem Quotes by डॉ अनामिका | 111709673

सविता तुम्हें बुला रही है..
जग को देखो जगा रही है..
जागो अब ..
कब की भोर हो गयी..
किरणों को लक्ष्य बना
आसमां पर खो गयीं...
#सुप्रभात #जयश्रीराम #HappySunday
#राधेराधे
-डॉ अनामिका

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