Free Hindi Shayri Quotes by सनातनी_जितेंद्र मन | 111765331

इंतजार हर रोज करता है,
इस पर भी न ये मन भरता है।
सोता मरकर-मरकर उठता,
जाने कितनी ही बार तड़पता है।
तन्हाई लिये

read more

View More   Hindi Shayri | Hindi Stories