कहानी: छोटे कदमों से बड़ी मंज़िल
एक छोटे से गाँव में आरव नाम का लड़का रहता था। उसका सपना था कि एक दिन वह बड़ा व्यापारी बने और अपने गाँव का नाम रोशन करे। लेकिन उसके पास न धन था, न साधन।
एक दिन उसके गुरुजी ने उसे समझाते हुए कहा –
“बेटा, सपने बड़े रखना लेकिन शुरुआत हमेशा छोटे कदमों से करनी चाहिए।”
आरव ने इस बात को दिल से लगा लिया।
वह रोज़ गाँव में सब्ज़ियां खरीदकर पास के शहर में बेचने लगा। शुरू-शुरू में बहुत कम कमाई होती, लोग उसका मज़ाक उड़ाते –
“इतनी छोटी-सी मेहनत से बड़ा व्यापारी बनेगा? यह असंभव है!”
लेकिन आरव ने हार नहीं मानी।
धीरे-धीरे उसने अपनी ईमानदारी और मेहनत से ग्राहकों का विश्वास जीत लिया।
कुछ सालों में उसने अपनी दुकान खोली, फिर गाड़ियों से सब्ज़ियां मंगवाने लगा, और देखते ही देखते उसका कारोबार पूरे ज़िले में फैल गया।
अब वही लोग, जो उसका मज़ाक उड़ाते थे, उससे सलाह लेने आते थे।
आरव मुस्कुराकर हमेशा यही कहता –
“सपना बड़ा हो सकता है, लेकिन उसे पूरा करने का रास्ता छोटे कदमों से ही गुजरता है।”
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✅ संदेश:
कभी भी अपने छोटे प्रयासों को कम मत समझो। वही छोटे कदम एक दिन तुम्हें बड़ी मंज़िल तक पहुँचाते हैं।
👉 धैर्य + मेहनत + निरंतरता = सफलता