जीना कितना आसान है
घोड़े बैल कुल्हण अब नुमाइश का सामान है
इस रंग बदलती दुनिया में जीना कितना आसान है
भूसा वाला बखारी देखो सजावट का सामान है
इस रंग बदलती दुनिया में जीना कितना आसान है
सौवे निनाबे पढ़ायेंगा कौन इस हैन्ड्रेड वाली दुनिया में
कैप पहना के भेजा था टोपी पहना के भेजा है
कुछ मिट गया कुछ मिट जाएगा जरूरत का सिद्धांत है
इस रंग बदलती……
जेब काटने वाले पूछें जेब में कुछ है कि नहीं
ऐसे बदल रहीं है दुनिया शर्मों-हया है कि नहीं
कुछ लुट गया कुछ लुट जाएगा हाथ लगाने का विज्ञान है
इस रंग बदलती……….
चार दिन का बखेड़ा है फुटपाथ को जिलाना है
अगले चार दिनों में ही तय इसका मर जाना है
कुछ खप गया कुछ खप जाएगा अतिक्रमण का सिद्धांत है
इस रंग बदलती दुनिया में…….
- Vikash Kumar