ख्वाहिश ये कि वो कभी भूल ना सके मुझे...
दुआ ये कि उम्र लंबी हो उसकी
जिसके पहलू में बैठने के ख़्वाब देखें
वो शख़्स दुआओं में भी हाथ नहीं आया
मोहब्बत में हो और समझदार भी हो..
दोस्त तुम चाहे जो भी कह लो मगर तुम मोहब्बत में तो नहीं हो
गले मिलना एक सामान्य प्रक्रिया हैं पर पसंदीदा शख्स से गले मिलना ईश्वर से मिलने के बराबर हैं..