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भूमिका
श्रीरामचरितमानस केवल काव्य रचना नहीं,
अपितु मानव जीवन को मर्यादा, भक्ति और धर्म के पथ पर
आगे बढ़ाने वाला एक जीवन-दर्शन है।
इस महान ग्रंथ में वर्णित आदर्श —
मर्यादा, करुणा, संयम, भक्ति और धर्म —
मानव के आचरण, विचार और दृष्टि को
संतुलित और पवित्र बनाते हैं।
इस हिन्दी प्रस्तुति में मूल अवधी पाठ के
भाव, आशय और अंतर्निहित संदेश को
सरल, सहज और प्रवाहपूर्ण हिन्दी भाषा में
यथासंभव स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है,
ताकि पाठक ग्रंथ के भाव से
आंतरिक रूप से जुड़ सके।
यह प्रयास विशेष रूप से उन पाठकों के लिए है
जो अवधी भाषा से पूर्णतः परिचित नहीं हैं,
परंतु श्रीरामचरितमानस के
आध्यात्मिक, नैतिक और जीवनोपयोगी संदेश को
समझना और आत्मसात करना चाहते हैं।
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