संपूर्ण श्रीरामचरितमानस,भाग 1
वर्णानामर्थसंघानां
रसानां छन्दसामपि ।
मङ्गलानां च कर्त्तारौ
वन्दे वाणीविनायकौ ॥
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एक-एक शब्द का अर्थ (सरल भाषा में)
वर्णानाम — वर्णों का, अर्थात् अक्षरों का।
अर्थसंघानाम — अर्थों के समूहों का, या अर्थ की रचना का।
रसानाम — रसों का, जैसे काव्य के भाव: श्रृंगार, वीर, करुण आदि।
छन्दसामपि — छंदों का भी; 'अपि' का अर्थ है 'भी'।
मङ्गलानां — शुभ कार्यों का, मंगलमय बातों का।
च — और।
कर्त्तारौ — कर्ता (रचयिता), यहाँ द्विवचन है — दो रचयिता।
वन्दे — मैं वंदना करता हूँ, नमन करता हूँ।
वाणीविनायकौ — वाणी अर्थात् देवी सरस्वती, और विनायक अर्थात् भगवान गणेश।
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सरल हिंदी अनुवाद
जो अक्षरों, अर्थों, रसों, छंदों और शुभ कार्यों के रचयिता हैं — ऐसे वाणी (सरस्वती) और विनायक (गणेश) को मैं नमस्कार करता हूँ।