Hindi Quote in Poem by Shivam Kumar Pandey

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

भवानिशङ्करौ वन्दे
श्रद्धाविश्वासरूपिणौ ।
याभ्यां विना न पश्यन्ति
सिद्धाः स्वान्तःस्थमीश्वरम् ।।



शब्दार्थ (एक-एक शब्द का अर्थ):

भवानि – पार्वती देवी का नाम
शङ्करौ – शिव और पार्वती (द्विवचन में)
वन्दे – मैं वंदना करता हूँ / प्रणाम करता हूँ
श्रद्धा – आस्था, समर्पण
विश्वास – भरोसा, निष्ठा
रूपिणौ – जिनका स्वरूप है / जो रूपधारी हैं (द्विवचन)
याभ्यां – जिन दोनों के द्वारा
विना – बिना
न – नहीं
पश्यन्ति – देखते / अनुभव करते
सिद्धाः – सिद्ध पुरुष / आत्मसाक्षात्कार प्राप्त योगी
स्वान्तःस्थम् – अपने अंतःकरण में स्थित
ईश्वरम् – परमात्मा / भगवान

---

सरल हिंदी अनुवाद:

मैं शिव और पार्वती की वंदना करता हूँ, जो श्रद्धा और विश्वास के रूप में प्रकट होते हैं।
जिनके बिना सिद्ध पुरुष भी अपने हृदय में स्थित ईश्वर का दर्शन नहीं कर सकते।

Hindi Poem by Shivam Kumar Pandey : 112014403
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now