चलो राम बने
चलो हम भी राम बने! क्या हम राम बन सकते हैं? हां क्यों नहीं? राम बनने के लिए हमें राम के आदर्श को जीवन में अपनाने चाहिए।
ऐसे तो हम सब भगवान श्री राम के बारे में बहोत कुछ जानते हैं। श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम कहे जाते हैं। मानव अवतार में उनके आदर्श ही उनके व्यक्तित्व की पहचान है।
भगवान श्री राम की मिशाल हमे आज भी दी जाती है। श्री राम का जीवन हमे संकट में धैर्य रखना वाणी में संयम और आचरण में शुद्धता के लिए प्रेरित करता है।
श्री राम का आदर्श हमें संतुलन रखना और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के साथ परिवार और मूल्यों से जुड़े रहना सीखाता है।
श्री राम की सत्य और धर्म निष्ठा आज की युवा पेढी के लिए ईमानदारी और नैतिकता का प्रतीक है। भगवान श्री राम सदाचारी, न्याय प्रिय, साहसी जैसे गुणों का आदर्श उदाहरण है।
हम सभी को शांतिपूर्ण जीवन के लिए राम बनने की कोशिश जरूर करनी चाहिए।
इस कलयुग में राम बनना आसान नहीं है।
उनके आदर्शों पर चलना आसान नहीं है।
फिर भी चलो हम कोशिश करे राम बनने की,
हमारे ये द्रढ निश्चय को तोड़ना आसान नहीं है।
बिंदिया जानी
24/3 /26