मोहब्बत परवान चढ़ती है तब भोली भाली लड़की से क्या क्या नहीं करवा देती।
जब दिल को कोई भा जाता है
बिन वजह चेहरे पर मुस्कान ला देती है
सुहागिन रहना सीखा देती है
चेहरे का नूर बढ़ जाता है
झूठ बोलना सीखा देती है
जो नहीं करना था ..........
वो भी करना सीखा देती है
बार बार आईना देखना, थोड़ा शर्माना, खुशियां हजार हो जाती है
दिल के आँगन में तरह तरह के फूल खिला देती है
धडकनों में युद्ध छिड़ जाता है
ख्वाबों की एक नई दुनिया सज जाती है
फोन की घंटी से सांसे अटक जाती है
बस एक मैसेज से जिन्दा लाश में जान आ जाती है
दिल के मौसम में बसंत ऋतु ला देती है
मोहब्ब्त इतनी नादान बना देती है
घरवालों को दुश्मन, पराए को अपना बना देती है।
✍️ अंतिमा 😊