“मेरे बाद अगर तुम्हें किसी से प्रेम हो जाए, तो बेझिझक उस प्रेम को अपना लेना...
उसके साथ हर खुशी बाँटना, हर दर्द में उसका सहारा बन जाना...
मेरी यादों को दिल में कहीं सजा कर रखना, पर उन्हें अपनी राह की बेड़ियाँ मत बनने देना...
जब कभी मेरा ख़्याल आए, तो बस एक हल्की सी मुस्कान के साथ मुझे याद कर लेना और फिर उसी मुस्कान के साथ, अपनी ज़िंदगी को खुलकर जीते रहना...