कभी-कभी ज़िंदगी हमें वहाँ गिरा देती है, जहाँ से उठना नामुमकिन सा लगता है।
लेकिन याद रखना...
हार वो नहीं जो हमें एक दिन के लिए रोक दे, हार वो है जो हमें दोबारा कोशिश करने से रोक दे।
तुम्हारी कीमत किसी एक दिन, एक मोड़ या एक नतीजे से तय नहीं होती।
तुम उससे कहीं ज़्यादा मज़बूत हो, जितना आज खुद को समझ रही हो।
बस थोड़ा ठहरो, साँस लो, और फिर से चल पड़ो...
क्योंकि सबसे खूबसूरत कहानियाँ अक्सर सबसे कठिन अध्यायों के बाद ही शुरू होती हैं।