एक बात तो तय है...
किसी से जबरदस्ती प्रेम नहीं पाया जा सकता।
जिसे जाना होता है, वह एक न एक दिन चला ही जाता है।
और सम्मान भी कभी माँगकर नहीं मिलता,
चाहे आप कितने ही अच्छे इंसान क्यों न हों।
जहाँ प्रेम और सम्मान के लिए हाथ फैलाने पड़ें, वहाँ चुपचाप आगे बढ़ जाना ही आत्मसम्मान की पहली निशानी है। ❤️
- archana