कविता - दीपावली
आओ करें कुछ खास,इस बार
हर घर दीप जले,
हो खुशियों की फौहार।
अपना घर भी रोशन हो,
सजे पड़ोसी का भी द्वार।
महंगे मॉल न जाए इस बार,
करें खरीददारी लोकल बाजार।
किसी की उम्मीद का दिया बुझने न पाए,
माँ लक्ष्मी सबके घर आए।
सजे सभी के घर आंगन द्वार,
मिटे दिलों का बैर इस बार।
सबको गले लगाकर मनाओ त्योहार,
मेरी तुम्हारी हो सबकी दीवाली।
खत्म हो सबका इंतजार,
सभी पाठकों को मेरी ओर से
दिल से हार्दिक बधाई बारम्बार।
आओ करें कुछ खास इस बार,
सबके घर हो खुशियों की फौहार।
शुभ दीपावली, शुभ हो सबका त्योहार।
डॉ वंदना शर्मा नई दिल्ली