तेरे बाद ज़िन्दगी तो चल रही है,
पर हर मोड़ पर ठहर सी जाती हूँ....
हँसी चेहरे पर सजा लेती हूँ मैं,
पर आईने के सामने टूट सी जाती हूँ....
तेरी यादों का क्या करूँ मैं,
न चाहकर भी रोज़ चली आती हैं मेरे पास यूंही.....
लोग कहते हैं भूल जाओ उसे,
पर मैं कैसे भूलूँ, जब साँसों में वही ठहर जाता है....
दिल को समझाना आसान होता है क्या,
अगर तू सिर्फ़ एक रिश्ता होता तो जरूर होता
तू तो मेरी दुआओं का हिस्सा था,
जिसे अब माँग भी नहीं पाती हूँ...
- Manshi K