15 जनवरी— सेना-दिवस पर विशेष
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सैनिक! तुझको शत-शत प्रणाम।
संघर्ष कठिन सामने देख,
पग पीछे नहीं किये तुमने;
जनहित में, होकर महादेव-
विष के भी घूँट पिये तुमने।
बस, डटे रहे निज घाव लिये,
अनथक बिन विचलन, बिन विराम।
तेरी दृढ़ता के आगे नत,
जीवन के झंझावात रहे;
पथ से तू डिगा नहीं किंचित् ,
निष्प्रभ सारे आघात रहे।
हारे हैं तुझसे दण्ड-भेद,
हारे हैं तुझसे साम-दाम।
वीरता तुम्हारी रही बोल,
हैं वार तुम्हारे सीने पर;
माँ देख-देख व्रणहीन पृष्ठ,
गर्वित है तेरे जीने पर।
जन-जन आशीष रहा सन्मन,
ज्योतिर्मय युग-युग रहे नाम।
-- घनश्याम अवस्थी
गोंडा, उत्तरप्रदेश
सम्पर्क-- 9451607772
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