मध्य प्रदेश के धूल भरे रास्तों और शांत खेतों के बीच बसा 'जमालपुर' कोई आम गाँव नहीं है। यहाँ की हवाओं में एक पुरानी चेतावनी गूँजती है—'जैसे ही सूरज ढले और आसमान सुर्ख हो, अपने दरवाज़े बंद कर लो।' 14 साल का रेहान, अपनी मासूम शरारतों और बेखौफ मिजाज के साथ, उस प्राचीन लोक-कथा को महज एक वहम मानता है। लेकिन एक मनहूस शाम, मग़रिब की अज़ान के वक्त, वह अनजाने में उस शापित पीपल के पेड़ की सोई हुई दहशत को जगा देता है।पुरानी इस्लामी लोक-कथाओं (Islamic Folk Horror) पर आधारित यह कहानी आपको उस अनजाने डर से रूबरू कराएगी जो हमारी संस्कृति और इतिहास की परतों में कहीं दबा हुआ है। एक ऐसा सस्पेंस जो आखिरी पन्ने तक आपकी सांसें थामे रखेगा।"
" क्या आप तैयार हैं 'मग़रिब की लानत' का सामना करने के लिए?"
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मग़रिब की लानत – जहाँ साये इंसानों का शिकार करते हैं।
(Indian folker Islamic Creepy legends)
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thank you 🤗 Radhe Radhe