🙏🙏हम खुद के लिए जीते हैं,
ज़ीना भी चाहिए पर एक हद तक सही है।
हमारे जीवन में आ रही खुशियां, ग़म, दर्द ए सब हमारे समय का एक हिस्सा है।
जिसे हमे समझना चाहिए पर उसे समझकर खुद के लिए ही जीने का लगाव अच्छी बात नहीं है।
कभी हमें हमारे 'अहम्' को त्याग कर किसी ओर के लिए भी जीना चाहिए,
किसी की खुशी में ख़ुद की खुशी बन जानीं चाहिए, किसी के दर्दको दूर करने की वज़ह बन जाना चाहिए।
हमें ख़ुद को इस तरह जीना चाहिए कि हमारी हिफाजत की दुआएं सब करे, सही है,,.?🦚🦚