महाराणा कुंभा
अविश्वसनीय प्रतिभा के धनी, अद्वितीय योद्धा व अद्भुत निर्माता
(1433-1468 ईसवी)
इतिहास के उस अजेय महानायक की शौर्यगाथा, जिसने अपने जीवन के सभी 56 युद्ध जीते और कभी हार का मुंह नहीं देखा। कलम, तलवार और कला के बेजोड़ धनी मेवाड़ के महाराणा कुंभा ने मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी, गुजरात के अहमद शाह और नागौर के शम्स खान जैसे शक्तिशाली शासकों को युद्धभूमि में घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। साम्राज्य की सुरक्षा के लिए मेवाड़ के कुल 84 दुर्गों में से अकेले 32 अभेद्य किलों का निर्माण करवाकर—जिसमें 'कुंभलगढ़' जैसा विश्व प्रसिद्ध किला शामिल है—और भव्य 'विजय स्तंभ' खड़ा कर उन्होंने स्थापत्य कला का स्वर्णिम काल रचा। युद्धभूमि में दुश्मनों के काल, कला के महान संरक्षक और 'संगीतराज' जैसी अमर कृतियों के रचयिता—इस बहुआयामी वीर शिरोमणि के अद्भुत जीवन और मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास को करीब से जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
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