कैसे बताऊं क्या बात थी उसमें
जब मिली थी वो पहली बार
चांदनी रात थी, तन्हाई भी साथ थी
मुस्करा रही थी फूलों जैसे
खिल रही थी सर्द धूप हो जैसे
बारिश में वो कुछ भीग रही थी ऐसे
जैसे सावन में नाचती मोरनी हो
बस तब ही इस दिल ने चुपके से कहा
बस तुम ही मेरे दिल की चोरनी हो
- Avantika