प्रेम की तालाश
बच्चे ढूंढ रहे प्रेम को,
माता-पिता ढूंढ रहे बच्चे के प्रेम को,
क्या प्रेम की तलाश पूरी होगी?
कोई प्रेम कर रहा कुकर को,
कोई प्रेम कर रहा गौ को,
प्रेम का युद्ध चल रहा है।
क्या प्रेम की तलाश पूरी होगी?
प्रेम करने वाले प्रेम कर रहे हैं कैलाश से,
प्रेम करने वाले प्रेम कर रहे कावा स,
क्या उनकी प्रेम की तलाश पूरी होगी?
सोच रहे माता-पिता की बच्चे प्रेम नहीं करते,
क्या बच्चों की प्रेम की तलाश तुमने पुरी की?
शायद की ही होगी।
सुन सकता है तो सुन ,
हे श्रोता प्रेम का लेने को सब व्याकुल हैं।
प्रेम पाने हेतु प्रेम को बांटना जरूरी है।
है प्रेम अनूठी पर,
प्रेम को तो प्रेम की आवश्यकता होती होग।
बच्चों को तू समझ,
तभी बच्चे भी तुम्हें समझेंगे।
क्या प्रेम की दौड़ पूरी होगी???
- Anshu kumari