मैं और मेरे अह्सास
लौटने की हिम्मत
रूठ के वापिस लौटने की हिम्मत होगी l
तो हर हाल में लौटने की इजाज़त होगी ll
अगर आना चाहो तो वापिस आ जाना l
सुनो जो पहेले थी वही इज्जत होगी ll
ख़ुदा सब देखता है वह जानता भी है l
किसीका अच्छा सोचो वो इबादत होगी ll
"सखी"
डो. दर्शिता बाबूभाई शाह