“यूँ दिल में बस गई”
एक लड़की से पहली मुलाक़ात यूँ दिल को भा गई,
जैसे कोई अनजानी सी खुशी ज़िंदगी में आ गई।
उसकी मासूमियत दिल में कुछ ऐसी उतर गई,
कि वो धीरे-धीरे मेरी अपनी सी बन गई।
उसकी नोक-झोंक भी अब अच्छी लगने लगी,
उसकी हर छोटी बात दिल को छूने लगी।
पता ही नहीं चला कब उसका साथ खास हो गया,
कब मैं उसकी हमराज़ और हमसफ़र-सी बन गई।
कुछ रिश्ते नाम के मोहताज नहीं होते,
बस दिल से जुड़ते हैं और हमेशा के लिए अपने हो जाते हैं।
वो पहली मुलाक़ात आज भी याद है मुझे,
क्योंकि उसी दिन एक प्यारी-सी लड़की
मेरे दिल में हमेशा के लिए बस गई। ❤️
❤️sarwat Fatmi❤️