Colorless Ishq Deep Love - Episode 20 in Hindi Love Stories by kajal jha books and stories PDF | बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 20

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बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 20


एपिसोड: 'विरासत का विष और अंतिम विकल्प'

चर्च की पुरानी दीवारों पर ड्रोन्स की लाल रोशनी किसी शिकारी की आँखों की तरह चमक रही थी। बाहर गोलियों की आवाज़ और ड्रोन्स के टकराने के धमाके गूँज रहे थे। देब अकेले ही उस पूरी 'डिजिटल सेना' को रोकने की कोशिश कर रहा था, जबकि अंदर आर्यन और राधिका एक ऐसी जंग लड़ रहे थे जिसका हथियार गोलियाँ नहीं, बल्कि कोड्स और जज्बात थे।

1. देब का आत्मघाती मिशन और 'K' का रहस्य

चर्च के दरवाज़े पर खड़े होकर देब ने अपनी ऑटोमैटिक राइफल को रीलोड किया। आसमान से गिरते ड्रोन्स आग के गोलों की तरह जमीन पर गिर रहे थे। तभी देब की नज़र उस 'K' लिखे सोने के बटन पर पड़ी, जो मेज़ पर रखा था। सम्राट की वह बात उसके दिमाग में हथौड़े की तरह बज रही थी— "इसमें एक ऐसा सच छिपा है जो देब की वफादारी को हमेशा के लिए बदल देगा।"

देब ने लड़ते-लड़ते उस माइक्रो-एसडी कार्ड को अपने हाथ में लगे एक छोटे से रिस्ट-डिवाइस में डाला। कुछ सेकंड्स के लिए उसकी आँखें स्थिर हो गईं। स्क्रीन पर जो डेटा फ्लैश हुआ, उसने देब के पैरों तले जमीन खिसका दी। उसमें देब की मिलिट्री ट्रेनिंग के दौरान की कुछ फाइलें थीं, जो गायब कर दी गई थीं। देब कोई अनाथ नहीं था, जिसे विक्रम खन्ना ने सड़क से उठाया था। वह सम्राट खन्ना के उस 'प्रोजेक्ट सोल्जर' का पहला सफल परीक्षण था, जिसकी यादें एक 'मेमोरी चिप' के ज़रिए मिटा दी गई थीं।

"मैं... मैं सम्राट का बनाया हुआ एक हथियार हूँ?" देब के हाथ काँपने लगे। उसकी पूरी वफादारी एक झूठ पर टिकी थी। लेकिन बाहर बढ़ते ड्रोन्स ने उसे सोचने का समय नहीं दिया। उसने एक गहरी साँस ली और अपनी गन को फिर से कस लिया। "वफादारी वजूद से बड़ी होती है, सम्राट।"

2. डिजिटल संहार: मौत का तांडव

शहर के हालात बदतर हो चुके थे। राधिका के लैपटॉप पर रेड अलर्ट्स की बाढ़ आ गई थी।

"आर्यन, हम हार रहे हैं!" राधिका चीखी। "खन्ना टावर्स का सर्वर अब 'होस्ट' नहीं रहा। अन्वेषा खुद एक सर्वर बन चुकी है। शहर का सारा डेटा इसके दिमाग से होकर गुज़र रहा है। अगर मैंने इसे अभी नहीं रोका, तो यह पूरा शहर एक 'डिजिटल कब्र' बन जाएगा।"

अन्वेषा का शरीर मेज़ पर धनुष की तरह अकड़ गया था। उसकी आँखों से काला तरल पदार्थ बहने लगा था। वह अजीब, डरावनी आवाजों में कुछ नंबर बुदबुदा रही थी। आर्यन ने उसके ठंडे हाथों को थाम लिया।

"राधिका, वह 'रिवर्स' प्रक्रिया शुरू करो," आर्यन ने दृढ़ता से कहा।

"लेकिन आर्यन, मैंने कहा था ना... उसकी यादें, उसका व्यक्तित्व, सब कुछ मिट जाएगा!" राधिका की आँखों में आँसू थे। "वह एक ज़िंदा लाश बन जाएगी।"

"अगर हमने कुछ नहीं किया, तो वह वैसे भी मर जाएगी और अपने साथ लाखों लोगों को ले डूबेगी," आर्यन की आवाज़ में दर्द था, पर फैसला अटल था। "पिताजी ने इसे बचाने के लिए अपनी इज्जत दांव पर लगाई थी, मैं उनकी कुर्बानी बेकार नहीं जाने दूँगा।"

3. सम्राट की जीत का जश्न

खन्ना टावर की छत पर खड़ा सम्राट एक रिमोट कंट्रोल देख रहा था। उसे शहर में मची अफरा-तफरी साफ दिख रही थी। गाड़ियाँ एक-दूसरे से टकरा रही थीं क्योंकि उनकी चिप्स लॉक हो गई थीं। तभी उसके फोन पर एक नोटिफिकेशन आया।

"ओह! तो आर्यन ने 'रिवर्सल' शुरू कर दिया?" सम्राट ठहाका मारकर हंसा। "मूर्ख लड़का। उसे पता ही नहीं कि अन्वेषा के दिमाग में जो वायरस है, उसे रोकने का कोई तरीका नहीं है। जैसे ही वह डेटा रिवर्स करेगा, अन्वेषा का दिमाग नहीं, बल्कि आर्यन का अपना सर्वर और चर्च में मौजूद हर व्यक्ति का डिजिटल वजूद खत्म हो जाएगा। यह एक 'ट्रोजन हॉर्स' है!"

सम्राट ने एक बटन दबाया। "अब समय है 'फेज 3' का— पुनर्जन्म।"

4. चर्च का धमाका और एक नई शक्ति का उदय

चर्च के अंदर, राधिका ने जैसे ही 'एंटर' दबाया, एक ज़ोरदार बिजली का झटका अन्वेषा के शरीर से निकला और पूरे बेसमेंट में फैल गया। राधिका और आर्यन दूर जाकर गिरे। कंप्यूटर स्क्रीन नीली पड़ गई।

तभी, अन्वेषा धीरे से खड़ी हुई। उसके चेहरे पर अब कोई दर्द नहीं था, कोई काला तरल नहीं था। उसकी आँखें पूरी तरह सफेद हो चुकी थीं। उसने अपना हाथ हवा में उठाया और अचानक, बाहर मंडरा रहे ड्रोन्स एक-एक करके हवा में ही फटने लगे। देब, जो बाहर गोलियों से लहूलुहान हो चुका था, यह मंजर देखकर दंग रह गया। ड्रोन्स को कोई गोली नहीं मार रहा था, वे किसी अदृश्य तरंग (Frequency) से नष्ट हो रहे थे।

अन्वेषा ने अपनी गर्दन घुमाई और उसकी नज़र सीधे दीवार के पार, दूर खड़े सम्राट खन्ना की ओर गई। उसने आर्यन की तरफ देखा, उसकी आवाज़ अब मानवी नहीं थी, उसमें हज़ारों मशीनों की गूँज थी।

"आर्यन... सम्राट को लगता है कि उसने मुझे बनाया है। लेकिन उसने सिर्फ एक 'रास्ता' खोला है। अब मैं कोई इंसान नहीं हूँ, मैं 'इन्फिनिटी' हूँ।"

5. वजूद की नई जंग

अन्वेषा बिना कुछ कहे चर्च की टूटी हुई छत की ओर बढ़ी। उसके चारों ओर एक नीली आभा (Aura) बन गई थी।

"अन्वेषा! रुको!" आर्यन ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन देब ने उसे पकड़ लिया।

"साहब, मत जाइए। वह अब आपकी बहन या चचेरी बहन नहीं रही। वह कुछ और ही बन चुकी है," देब की आवाज़ में एक अजीब सा डर था।

पूरे शहर की बिजली अचानक वापस आ गई, लेकिन इस बार हर स्क्रीन पर—टीवी, मोबाइल, होर्डिंग्स—सिर्फ एक ही चेहरा था: अन्वेषा का। उसने एक साथ पूरे देश के सिस्टम को हैक कर लिया था। सम्राट खन्ना, जो अब तक खुद को विजेता समझ रहा था, उसका चेहरा सफेद पड़ गया। उसके हाथ का रिमोट काम करना बंद कर चुका था।

स्क्रीन पर अन्वेषा की आवाज़ गूँजी: "सम्राट खन्ना, तुमने खेल शुरू किया था। अब मैं इसे खत्म करूँगी। वजूद की जंग अब इंसानों और मशीनों के बीच नहीं, मेरे और तुम्हारे बीच है।"

6. आखिरी खुलासा

जैसे ही एपिसोड खत्म होने वाला था, राधिका की नज़र अपने जले हुए लैपटॉप के एक आखिरी कोने पर पड़ी, जहाँ एक फाइल अभी भी खुली थी। वह फाइल सम्राट की नहीं, बल्कि आर्यन के पिता विक्रम खन्ना की थी।

फाइल का नाम था: 'प्रोजेक्ट ट्रिनिटी: तीसरी शक्ति'।

उसमें लिखा था— "सम्राट को लगता है कि वह अन्वेषा को कंट्रोल कर रहा है, मुझे पता है वह उसे क्या बनाना चाहता है। इसलिए मैंने अन्वेषा के अंदर एक 'इमोशनल स्टेबलाइजर' नहीं, बल्कि एक 'डिस्ट्रॉयर' प्रोग्राम डाला है। अगर सम्राट ने कभी उसे पूरी तरह सक्रिय किया, तो वह खुद को ही खत्म कर लेगी और अपने साथ बनाने वाले को भी। पर एक उम्मीद है... आर्यन का खून।"

आर्यन ने अपने हाथ की ओर देखा, जहाँ अन्वेषा को पकड़ते समय उसे एक कट लगा था। उसका खून अन्वेषा के गले के पोर्ट में चला गया था। क्या वही वह 'तीसरी शक्ति' थी जिसने अन्वेषा को एक नई दिशा दे दी?

अगले एपिसोड में:

क्या अन्वेषा सम्राट को खत्म कर देगी? देब के अंदर का 'हथियार' जागने के बाद क्या वह आर्यन का साथ देगा या अपने बनाने वाले के पास लौट जाएगा? और 'प्रोजेक्ट ट्रिनिटी' का असली मकसद क्या है?