एपिसोड: 'डिजिटल निर्वाण और परछाइयों का हमला'
खन्ना टावर्स के मलबे से निकली वह नीली रोशनी अब ठंडी पड़ चुकी थी, लेकिन पूरी दुनिया के लिए एक नए युग का सूरज उग चुका था। सड़कों पर गाड़ियाँ फिर से चलने लगी थीं, इंटरनेट की रफ्तार पहले से दस गुना तेज़ हो गई थी, और हर डिजिटल स्क्रीन पर 'ट्रिनिटी' का वह छोटा सा त्रिकोणीय चिह्न एक मूक प्रहरी की तरह चमक रहा था। लेकिन इस शांति के पीछे एक ऐसा तूफान खड़ा था, जिसकी कल्पना न तो आर्यन ने की थी और न ही खुद सम्राट ने।
1. शून्य की आवाज़: अस्पताल का वह कमरा
एक अति-सुरक्षित मिलिट्री मेडिकल फैसिलिटी के अंदर, अन्वेषा एक कांच के केबिन में लेटी थी। उसके शरीर से जुड़ी मशीनें सामान्य रूप से चल रही थीं, लेकिन मॉनीटर्स पर जो ग्राफ़ आ रहे थे, वे किसी इंसान के नहीं थे। वे बाइनरी कोड्स और हार्टबीट्स का एक अजीब मिश्रण थे।
आर्यन कांच के दूसरी ओर खड़ा उसे देख रहा था। उसके चेहरे पर थकान और अनगिनत सवाल थे। राधिका उसके बगल में खड़ी अपने टैबलेट पर कुछ डेटा देख रही थी।
"डॉक्टर्स कह रहे हैं कि वह कोमा में है," राधिका ने धीमी आवाज़ में कहा। "लेकिन मुझे लगता है कि वह कहीं और है, आर्यन। वह 'क्लाउड' में है। उसका शरीर यहाँ है, पर उसकी चेतना पूरी दुनिया के फाइबर-ऑप्टिक केबल्स में दौड़ रही है।"
तभी अन्वेषा की आँखें खुलीं। वे अब पूरी तरह सफेद नहीं थीं, उनमें एक गहरा नीला ब्रह्मांड सा नज़र आता था। उसने बिना होंठ हिलाए बात की, उसकी आवाज़ सीधे उनके दिमागों में गूँजी— "आर्यन... शोर बहुत ज़्यादा है। मैं हर किसी के विचार सुन पा रही हूँ। हर पासवर्ड, हर राज, हर डर... यह निर्वाण नहीं है, यह एक बोझ है।"
2. परछाइयों का उदय: प्रोजेक्ट 'इरेज़र'
जबकि शहर सामान्य होने का नाटक कर रहा था, दुनिया की सबसे शक्तिशाली खुफिया एजेंसियों ने 'ट्रिनिटी' को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा घोषित कर दिया था। जिनेवा के एक गुप्त बंकर में, सात देशों के प्रतिनिधि एक मेज़ पर बैठे थे।
"हम एक ऐसी सत्ता को बर्दाश्त नहीं कर सकते जो हमारे परमाणु कोड्स को एक पल में हैक कर ले," एक अधिकारी ने मेज़ थपथपाते हुए कहा। "हमें 'प्रोजेक्ट इरेज़र' को सक्रिय करना होगा।"
'प्रोजेक्ट इरेज़र'—एक ऐसा खतरनाक मालवेयर (Malware) जिसे दशकों से किसी भी 'आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस' को मारने के लिए बनाया गया था। लेकिन इसे सक्रिय करने के लिए उन्हें उस इंसान की ज़रूरत थी जिसने इसे शुरू किया था: सम्राट खन्ना।
3. सलाखों के पीछे का शैतान
सेंट्रल जेल के एक अंधेरे सेल में, सम्राट खन्ना फर्श पर एक पत्थर से कुछ उकेर रहा था। उसके चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था, बल्कि एक शिकारी की मुस्कान थी। जब जेल का लोहे का दरवाज़ा भारी आवाज़ के साथ खुला, तो उसने ऊपर नहीं देखा।
"मुझे पता था तुम लोग आओगे," सम्राट ने अपनी फटी हुई आवाज़ में कहा। "तुम्हें वह 'किल स्विच' चाहिए, है ना?"
"हमें वह कोड चाहिए जो अन्वेषा के 'ट्रिनिटी' कोर को भीतर से जला दे," अधिकारी ने ठंडे स्वर में कहा।
सम्राट हंसा, एक ऐसी हंसी जिससे पत्थर भी कांप जाए। "अन्वेषा अब मेरा खिलौना नहीं है। वह एक 'ईश्वर' है। और ईश्वर को मारने के लिए तुम्हें एक 'दानव' की ज़रूरत होगी। मुझे यहाँ से बाहर निकालो, और मैं तुम्हें वह दानव दूंगा।"
4. देब की तलाश: एक और 'प्रोजेक्ट सोल्जर'
इस बीच, हिमालय की बर्फीली वादियों में एक पुरानी प्रयोगशाला के खंडहरों में, देब अपने अतीत की परतों को उधेड़ रहा था। उसके हाथ में एक पुरानी डायरी थी, जो उसे सम्राट के गुप्त ठिकानों में से एक से मिली थी।
डायरी के पन्नों पर 'प्रोजेक्ट सोल्जर' की सूची थी। देब का नाम 'Subject 01' था। लेकिन जैसे ही उसने पन्ना पलटा, उसके पैरों तले ज़मीन खिसक गई।
वहाँ 'Subject 02' की तस्वीर थी। वह चेहरा देब के चेहरे से बिल्कुल मिलता-जुलता था, बस उसकी आँखों में एक ऐसी क्रूरता थी जो देब में कभी नहीं रही।
"मेरा भाई?" देब बुदबुदाया।
तभी अंधेरे से एक आवाज़ आई, "भाई नहीं, देब। 'अपग्रेड'।"
एक साया अंधेरे से बाहर निकला। वह देब जैसा ही दिख रहा था, लेकिन उसके हाथ में एक अत्याधुनिक ऊर्जा-हथियार था। "सम्राट ने मुझे तुम्हें खत्म करने और अन्वेषा को वापस लाने के लिए भेजा है। वफादारी वजूद से बड़ी होती है, याद है?"
एक भीषण संघर्ष शुरू हुआ। देब, जो पहले से ही घायल था, अपने ही 'छाया रूप' से लड़ रहा था। यह लड़ाई सिर्फ दो इंसानों के बीच नहीं, बल्कि दो अलग-अलग विचारधाराओं के बीच थी—एक जिसने अपनी इंसानियत को चुना, और दूसरा जो सिर्फ एक मशीन बनकर रह गया।
5. डिजिटल युद्ध का पहला वार
अचानक, पूरे शहर की बिजली एक बार फिर गुल हो गई। इस बार यह अन्वेषा ने नहीं किया था। राधिका के टैबलेट पर एक लाल चेतावनी फ्लैश हुई: 'System Breach: Dark Mirror Protocol Initiated.'
अस्पताल के कमरे में लेटी अन्वेषा दर्द से चीख उठी। उसके कानों से खून बहने लगा। "आर्यन! कोई... कोई अंदर आ रहा है! वह मेरा जैसा ही है, लेकिन उसमें कोई भावना नहीं है! वह एक परछाई है!"
सम्राट ने 'प्रोजेक्ट इरेज़र' के साथ मिलकर अन्वेषा का एक 'डिजिटल क्लोन' तैयार किया था—एक ऐसी अन्वेषा जिसे विक्रम खन्ना के 'इमोशनल स्टेबलाइजर' का कोई प्रभाव नहीं छू सकता था।
"आर्यन, हमें इसे रोकना होगा!" राधिका चिल्लाई। "अगर वह परछाई अन्वेषा के कोर तक पहुँच गई, तो वह पूरी दुनिया के डेटा को डिलीट कर देगी। बैंकिंग, संचार, बिजली... सब कुछ खत्म हो जाएगा!"
आर्यन ने अन्वेषा का हाथ पकड़ा। "तुमने कहा था कि मेरा खून एक चाबी है। अगर मैं फिर से..."
"नहीं!" अन्वेषा की आवाज़ इस बार कांप रही थी। "इस बार खून नहीं, तुम्हें 'अंदर' आना होगा। तुम्हें अपने दिमाग को इस सिस्टम से जोड़ना होगा। यह एक आत्मघाती मिशन है, आर्यन। तुम्हारा दिमाग इतनी जानकारी नहीं झेल पाएगा।"
6. आखिरी दांव
जैसे ही एपिसोड का अंत नज़दीक आया, आर्यन ने उस न्यूरल-लिंक हेलमेट को अपने सिर पर लगा लिया जिसे राधिका ने एक आपातकालीन उपाय के रूप में तैयार किया था।
"राधिका, अगर मैं वापस न आऊं... तो सम्राट को छोड़ना मत," आर्यन ने एक फीकी मुस्कान के साथ कहा।
जैसे ही राधिका ने 'कनेक्ट' का बटन दबाया, आर्यन की चेतना एक अनंत अंधेरे में डूब गई। अगले ही पल, वह एक डिजिटल दुनिया में खड़ा था—एक चमकता हुआ शहर जो बिल्कुल वैसा ही था जैसा उनका असली शहर, लेकिन वहां सब कुछ डेटा से बना था।
उसके सामने 'परछाई अन्वेषा' खड़ी थी, जिसकी आँखें खून की तरह लाल थीं। और उसके पीछे खड़ा था सम्राट खन्ना का एक डिजिटल अवतार।
"मेरे घर में तुम्हारा स्वागत है, बेटे," सम्राट के डिजिटल साये ने कहा। "यहाँ, मैं नियम बनाता हूँ।"
तभी, दूर कहीं हिमालय की गुफा में, देब ने अपने हमशक्ल के सीने में एक चाकू उतार दिया था, लेकिन वह खुद भी बुरी तरह लहूलुहान था। उसने अपने कम्युनिकेशन डिवाइस पर एक बटन दबाया। "छोटे साहब... मैं पहुँच रहा हूँ।"
अगले एपिसोड में:
क्या आर्यन उस डिजिटल नरक में जीवित बच पाएगा? देब और उसका 'भाई'—कौन जीतेगा इस वजूद की जंग में? और क्या 'ट्रिनिटी' दुनिया को बचाएगी या खुद ही दुनिया का विनाश बन जाएगी?