इतिहास के पन्नों से 21
अमेरिका का एक विचित्र गाँव
नोट - ‘ वैसे तो इतिहास अनंत है ‘ इस शृंखला में इतिहास की कुछ घटनाओं के बारे में पहले प्रकाशित भागों में लिखा गया था . आज के लेख को इतिहास की श्रेणी में रखना उचित नहीं है फिर भी यह जल्द ही इतिहास में दर्ज हो जायेगा -
हालांकि अमेरिका में गाँव कहने लायक कोई जगह नहीं है , सब सिटी या टाउन कहलाते हैं फिर भी इसे एक छोटे कस्बे या गाँव या टाउन कुछ भी कह लें .अमेरिका के नेब्रास्का प्रांत के उत्तर पूर्व में एक गाँव है मोनोवी . मोनोवी कानूनी रूप से मान्य एक अमेरिकी गाँव है . यह दुनिया का एकमात्र ऐसा गाँव है जिसकी जनसंख्या भी मात्र एक है , और यहाँ की एकमात्र निवास एल्सी आइलर हैं . एल्सी दशकों से वहां रह रही हैं और आज वहां की स्थानीय सरकार के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का पूरा करने का दायित्व खुद वहन करती हैं .
मोनोवी का इतिहास - अमेरिका के नेब्रास्का प्रांत के बॉयड काउंटी का यह गाँव मोनोवी क्षेत्रफल में बहुत छोटा है , मात्र 0 .5 sq Km .कहा जाता है कि मोनोवी नाम गांव के मूल स्थान पर उगने वाले कई जंगली फूलों के नाम पर रखा गया था . यह कोई रेगिस्तान या भूतिया स्थान नहीं है . यह राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त कानूनों और विनियमों से बंधा हुआ है और अन्य जगहों की तरह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करता है . बस अंतर् इतना सा ही है कि मोनोवी की जनसंख्या मात्र एक रह गयी है . यह एक सुंदर गाँव है जहाँ से गुजरने वाले लोग यहाँ कुछ देर रुकते और इसकी सुंदरता की प्रशंसा करते हैं . मोनोवी का अस्तित्व 1902 में आया जब यह मिसूरी वैली रेलमार्ग के नक्शे पर आया और यहाँ एक पोस्ट ऑफिस भी खुला था . 1967 तक यह मार्ग लगभग बंद हो गया . 1930 में इसकी आबादी 150 थी जो धीरे धीरे घटती गयी . 1980 तक मोनोवी की आबादी घट कर मात्र 18 रह गयी थी . उसके बाद साल 2000 तक सिर्फ यहां दो लोग बचे थे एक एल्सी आइलर और दूसरे उनके पति रूडी आइलर . 2004 में रूडी आइलर की भी मौत हो गई जिसके बाद से एल्सी इस गाँव की इकलौती निवासी रह गई हैं .
एल्सी आइलर - एल्सी का जन्म 11 अक्टूबर 1933 को हुआ था . वे एक श्वेत महिला थीं . 1971 में एल्सी और उनके पति रूडी आइलर ने एक मधुशाला ( Tavern ) खोली थी . यहाँ देश विदेश के अन्य स्थलों से लोग आकर गाँव और बार का आनंद लेते थे . 2004 में पति की मौत के बाद से वे मोनोवी की एकमात्र निवासी हैं . एल्सी ही गाँव की सब कुछ हैं - निवासी , क्लर्क , लाइब्रेरियन, अफसर , , अकाउंट अफसर , मेयर , बार मालकिन , बार टेंडर आदि . वे खुद मेयर के लिए खड़ी होती हैं और खुद को वोट देकर मेयर बनती हैं . प्रति वर्ष समय पर मेयर के चुनाव के लिए वे अपने घर व बार पर नोटिस टांगती हैं , खुद खड़ी होती हैं और निर्विरोध चुनी जाती हैं . एल्सी खुद अपने बार के लिए लाइसेंस का आवेदन करती हैं , खुद सेक्रेटरी की तरह अनुमोदन करती हैं और सक्षम अफसर की तरह लाइसेंस इशू का आर्डर भी देती हैं .
सरकार की तरफ से गाँव के लिए अनुदान राशि मिलती है जिससे गाँव का मेंटेनेंस होता है . राशि को कब , कहाँ या किस काम में खर्च करना है , इसका फैसला वही करती हैं , जैसे गाँव की सड़क , स्ट्रीट लाइट , बिजली पानी आदि की देखरेख या गाँव के अन्य विकास की योजना .
खासकर गर्मियों में इस गांव में लोग आकर ठहरते हैं . उन्होंने अपने बार में मदद के लिए किसी को भी नहीं रखा है . उनके ग्राहक ही उनकी मदद कर दिया करते हैं . वे एक साहसी महिला हैं जो इस उम्र में भी अकेली ही सब कुछ बखूबी मैनेज करती हैं . वे गाँव में खाली पड़े घरों पर भी नजर रखती हैं ताकि कोई गैरकानूनी तरह से वहां न रहे या कोई गैरकानूनी काम करे .
11 अक्टूबर 2024 को उनके 91 वें जन्मदिन के अवसर पर सरकार की तरफ से उन्हें विशेष सम्मान मिला था . उस दिन बॉयड काउंटी के शेरिफ ने उन्हें एडमिरल के पद से सम्मानित किया था .
कहा जाता है कि जब उनसे पूछा गया कि आप यहाँ अकेली क्यों रहती हैं , तब उनका उत्तर था - मैं यहाँ इसलिए रहती हूँ ताकि मेरे गाँव को कोई भूतिया नहीं कह सके . आज लगभग 94 वर्ष की उम्र में भी वे उतनी ही एक्टिव हैं . इच्छुक सैलानी आज भी आइलर के मोनोवी टैवर्न जा सकते हैं जहाँ एल्सी आइलर उन्हें बर्गर, हॉट डॉग और बीयर परोसने के लिए तत्पर हैं . एल्सी इस बात की साक्ष्य हैं कि अकेले होने पर जिंदगी रूकती नहीं है , जिंदगी चलती रहती है .
क्रमशः