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मेरी एकांत जिंदगी,,,,, मेरी खुशियां मेरी खुशियां मेरे सिरहाने यूहीं बिखरी रहती है मेरा आई पैड, कुछ पत्रिकाएं, मेरा फोन मेरा श्रवण यंत्र ओर मेरा निपट एकांत सब मिल कर एक सिम्फोंनी क्रिएट करते कभी कभी तो अल्लसुभह के 3 बजे तक मुझे सपने नहीं आते मुझे पता नहीं सपने क्या होते हे,,,, सपनो का आना तो बंद आंखों में ही होता हे ओर में अपनी आंखे खुली रखता हु इस डर से कि कही आंखे बंद की बंद ही न रह जाए ग़ालिब कही गूंज रहे होते हे
भूली बिसरी यादें 🥰🥰 गांव वो गली वो गली में खेलते बच्चे वो कोयल की मधुर आवाज वो पनघट उससे पानी लाती पणिहारी वो वहां की हवा में ताजगी वो पुराने कच्ची ईंटों के घर वो मिट्टी की खुशबू जो शहर के इत्र से भी सुगंधित हे वहां के खेतों की हरियाली वहां पर लहराती हुई फसलें वो वहां की शाम , जहा सभी मिलकर कभी बाते करते थे वो तालाब, वो बरगद, वो रास्ता, हर मोड़ पर यादें खड़ी मिलती हैं। ना मोबाइल था, ना कोई दिखावा, गाँव में खुशियाँ खुद चलकर आती थी वह गांव मुझे आज भी बहुत याद आता है,,,!!!!!! Das Vijju,,,,,,
झील से गहरे तुम्हारे दो नयन, चाँदनी ओढ़े है सोने का बदन, मैं तुम्हारे प्राण में हूँ इस तरह, जैसे ही सुरभित चंदन का वन। साँस मेरी तेरी साँसों से मिली, ज्यूँ मिली फूलों से तितलियाँ, मैं तुम्हारे रूप गंध में भींगा हुआ, कर रहा भ्रमरों की तरह गुंजन । तुम बसी मेरे हृदय में इस तरह, जैसे सागर में छिपी कोई लहर, जैसे मोती हो छिपी हुई सीप में, जैसे फूल पर बिखरी ओस कण। प्रशस्त करती तुम मेरा पथ प्रिये, प्राण को देती हो तुम आराम भी, तुम मेरे दिल की हो धड़कन प्रिये, तुम से ही विश्राम पाता मेरा मन । Das vijju,,,,,,,
किसी को छोड़कर भले ही चले जाना लेकिन किसी के मन में कोई ऐसा प्रश्न छोड़कर न जाना जिसका उत्तर उसे सिर्फ़ तुम ही दे सकते हो।।।। - Das Vijay
एक शाम आऊंगा तुम्हारे घर पर मैं एक हाथ में गुलदस्ता लेके तुम्हे कहुंगा की चलो मेरे साथ रात को तन्हा बैठेंगे ,कुछ बाते करेंगे कुछ शायरी सुनाऊंगा,ओर में सारी रात तुमको ऐसे देखता रहुगा ओर चांद चिल्लाता रहेगा ,,की में चांद हु , में चांद हु ,में चांद हु,,,,,,।।।।।।।।।।।। - Das Vijay
अर्ज Kiya Hai : इश्क के बाजार में हुस्न Ka Mela Reh गया, भीड है लाखों की मगर 'Dil akela Reh गया दिखावा करने वाले ले गए 'Mohobbat Ka किताब, शिद्दत से चाहने वाला हर Insaan अकेला Reh गया लेकिन सुना हे शिद्दत से मोहब्बत करने वालों की सुनवाई की जाती है ओर वो मोहब्बत हमारे किस्मत में ही नहीं हैं अगर किस्मत में हमारा मिलना लिखा होगा तो हम जरूर मिलेंगे क्योंकि किस्मत लिखने वाला खुद खुदा होता है!! खुदा ने मोहब्बत करने वालों को आमने सामने मिलाया तो जिंदगी का खिताब भी उसके ही हाथो में है das,,,,,
चाहत जिस्म की होती तो तवायफ बुला लेता नोटों पर, यादो की हथौड़ी मारता हूँ तेरी दी हुई चोट पर... जिस लड़के को कभी धुंए से होती थी नफरत वही लड़का चाय पीने के बाद रखता सिगरेट अपने होंठो पर...!!!!! - Das Vijay
वो दमकती हुई लौ कहानी हुई वो चमकदार शोला फसाना हुआ वो जो उलझा था वैसी हवा से कभी उस दिए को बुझे तो जमाना हुआ,, अब तो अमजद जुदाई के उस मोड़ तक दर्द की दुंद है और कुछ भी नहीं '' जाने मन,, अब वो दिन लौटने के नहीं छोड़िए वो किस्सा पुराना हुआ vijju,,,,,,,
हमने देखी हैं झलक बुरे वक्त की वो जो जी जी करने वाले तू तू पर आने लगे है हम वापिस उन्हें जी जी पर लाएंगे फिर हम तू तू कहेंगे तब पता चलेगा उन्हें हमारी सादगी का,,,,, - Das Vijay
निकाल लाया हूं पिंजरे से एक परिंदा अब उस परिंदे के दिल से पिंजरा निकालना है - Das Vijay
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